धू-धू कर जला जंगल

LOGO1हमीरपुर – आगजनी में मोहीं का जंगल राख हो गया। यह घटना शुक्रवार दोपहर को पेश आई है। अचानक जंगल में आग लग गई। देखते ही देखते जंगल आग की भेंट चढ़ गया। सूखा चिलारू होने के कारण आग काफी तेजी से फैल गई। इस आगजनी में हजारों रुपए की वन संपदा स्वाह हो गई है। आग इतनी ज्यादा फैल चुकी थी कि अग्निशमन विभाग को भी आग को नियंत्रित करने में करीब तीन घंटे का समय लग गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका है। आगजनी में जंगल में नई पौध पूरी तरह से तबाह हो गई है। हालांकि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। माना जा रहा है कि किसी व्यक्ति ने झाडिय़ोंं को जलाने के लिए आग लगाई थी। बाद में आग जंगल तक पहुंच गई। जानकारी के अनुसार हमीरपुर ब्लॉक में पडऩे वाले मोहीं का जंगल शुक्रवार दोपहर धू-धू कर जल उठा। आग का भयानक मंजर देख स्थानीय लोग भी सहम गए। लोगों ने इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। विभाग ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। जब विभाग की गाड़ी घटनास्थल पर पहुंची तब तक आग पूरे जंगल में फैल चुकी थी। आग के फैल जाने के कारण विभागीय कर्मचारियों को आग को नियंत्रण में करना मुश्किल हो गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका है। इस आगजनी में दस हजार से अधिक रुपए की वन संपदा राख हो गई है। इस बारे में अग्निशमन विभाग के अधिकार संतराम ने बताया कि मोहीं के जंगल में आग लगी थी। इसमें करीब दस हजार की वन संपदा राख हो गई है। हजारों की संपदा को राख होने से बचाया गया है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पा रहा।
खुद ही लगा रहे आग
माना जा रहा है कि गलत धारणा के चलते जंगल आगजनी की भेंट चढ़ रहे हैं। लोगों का मानना है कि आग लगने के बाद अच्छी घास पैदा होती है। इस कारण कई बार लोग अपनी घासनियों में स्वयं आग लगा रहे हैं। यही आग बेकाबू होकर पूरे जंगल में फैल रही है। ऐसे कई वाक्या सामने आए हैं। जब आग नियंत्रण से बाहर हो जाती है तो लोग अग्निशमन विभाग को फोन करते हैं। अग्निशमन अधिकारी संतराम ने बताया कि लोगों की इस धारणा के कारण भी कई बार हजारों रुपए की वन संपदा आग की भेंट चढ़ी है। अकसर लोग गर्मियों के मौसम में स्वयं ही घासनियों में आग लगा देते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वन संपदा को नुकसान न पहुंचाएं।

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