आस बंधी…सलाखों के पीछे होंगे कातिल

थुनाग —  नौ जून, 2017 को इकलौते पोते की लाश को पेड़ पर लटके हुए देखने का मंजर मृतक वन रक्षक होशियार सिंह की दादी आज तक नहीं भुला सकी है। अपने पोते की मौत के बाद उसके हत्यारों को सजा दिलाने की उम्मीद में जी रही होशियार सिंह की दादी हिरदी देवी की टूटती उम्मीदों को अब फिर से हाई कोर्ट ने जिंदा कर दिया है। प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा होशियार सिंह की मौत की जांच सीबीआई को देने के आदेशों के बाद परिजनों को इस मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद बंध गई है। 70 वर्षीय हिरदी देवी का कहना है कि अब उसके पोते के हत्यारों का सच सामने आएगा। हिरदी देवी कहती है कि 100 दिनों की लड़ाई और ईश्वर के पास की गई मन्नतों का ही परिणाम है कि न्यायालय इस मामले को सीबीआई को देने के लिए तैयार हुआ है। बता दें कि इस मामले में पुलिस व सीआईडी की जांच से नाखुश परिजनों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कोर्ट से मामले की सीबीआई को देने की मांग की थी। प्रदेश सरकार द्वारा मामले को सीबीआई को देने के बाद परिजन और सराज मंच ने हाई कोर्ट से मामला सीबीआई को देने का आग्रह किया था, जिसके बाद अब इस मामले की जांच सीबीआई को गई है। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद अब मृतक होशियार सिंह की दादी हिरदी देवी व चाचा परस राम ने माननीय उच्च न्यायालय का धन्यवाद किया है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि अब सारा सच सामने आएगा। चाचा परस राम और हिरदी देवी ने इस मामले को यहां तक पहुंचाने के लिए साथ देने वाले सभी लोगों का आभार भी प्रकट किया है।

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