गाडि़यों को क्यों नहीं मिल रही पार्किंग

मंडी —  शहर में पार्किंग की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। आलम यह हो चुका है कि शहर में तो गाडि़यों के लिए पार्किंग ही नहीं रही है। उल्टा शहर की गलियां ही पार्किंग स्पॉट बन चुकी हैं। मंडी की गलियों में लोगों से ज्यादा दोपहिया वाहनों का कब्जा हो चुका है। कई सालों से बहुमंजिला पार्किंग के लिए कई बातें हुईं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ।  इस समय इंदिरा मार्केट की छत पर दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग स्थल है।इसके अलावा सेरी मंच के सामने कुछ चौपहिया वाहनों के लिए पार्किंग स्थल है। मंडी बस स्टैंड में भी चौपहिया गाडि़यों की पार्किंग को जगह है, लेकिन यह नाकाफी है। सेरी बंगला में भी चौपहिया गाडि़यों के लिए पार्किंग है। सब्जी मंडी में तो अजीब ही हालात देखने को मिलते हैं। सब्जी मंडी के बाहर की जगह दिन के समय पार्किंग स्थल होती है और शाम होते-होते यहां सब्जी विक्रेता अपनी दुकान सजा लेते हैं। इन हालातों में लोग बहुमंजिला पार्किंग मांग रहे हैं…

गलियों में बाइकें खड़ी करने पर लगे पाबंदी

मनीष कपूर का कहना है कि पहले तो गलियों में दोपहिया वाहन खड़े करने पर पाबंदी लगनी चाहिए। जब लोगों को गलियों में दोपहिया वाहन खड़े करने के लिए जगह ही नहीं मिलेगी, तो प्रशासन और नेता स्वयं जल्द से जल्द पार्किंग स्थल का निर्माण करेंगे।

गाडि़यां खड़ी करने को नहीं मिलती है जगह

सुनील शर्मा का कहना है कि चौपहिया गाडि़यां पार्क करने की शहर में बहुत बड़ी दिक्कत है। दोपहिया तो यहां-वहां पार्क कर लिए

जाते हैं, लेकिन शहर में गाडि़यों की संख्या इतनी ज्यादा है कि बहुमंजिला पार्किंग ही इसका समाधान है।

शॉपिंग के लिए पैदल ही आना पड़ता है शहर

मनुबाला यादव का कहना है कि शहर में गाड़ी लेकर आया नहीं जा सकता। खरीददारी करने के लिए पैदल ही जाना पड़ता है। गाड़ी लेकर आएं तो फिर शहर में पार्किंग नहीं मिलती। अभी तक जहां चौपहिया के लिए पार्किंग होती है वह नाकाफी है।

सालों से बहुमंजिला पार्किंग की बात

सुभाष जरियाल का कहना है कि पार्किंग की समस्या काफी गंभीर है। कई सालों से बहुमंजिला पार्किंग की बात तो की जा रही है, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं हो रहा। दोपहिया वाहन भी गलियों में ही पार्क किए जा रहे हैं।

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