ग्रामीणों ने दिया दस दिन का अल्टीमेटम

चंबा –  प्लयूर पंचायत के उपरी हिस्से में बसे गांवों के लोगों ने दस दिनों के भीतर सड़क का निर्माण कार्य आरंभ न होने की सूरत में आगामी विधानसभा चुनावों के बहिष्कार के साथ- साथ सड़कों पर उतरकर संघर्ष का बिगुल बजाने की दो टूक सुना ड़ाली। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण का कार्य महज सर्वे तक सिमटकर रह गया है। ग्रामीणों को सड़क सुविधा न होने के चलते काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आपाताकाल में हालात ओर भी बदत्तर हो जाते हैं जब मरीज को पालकी में ड़ालकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है। बुधवार को ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीसी सुदेश मोख्टा से मुलाकात कर अपने भावी फैसले की जानकारी भी दे दी है। ग्रामीण मनेष, राकेश, नविंद्र, योगराज व सुनील आदि का कहना है कि आजादी के 70 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्लयूर पंचायत के गणजी, द्रबड, कलोगा, डाडरू, भोठुंई, लहोंई, धरापडा, त्रैणा, बनगोटू, बटकर और द्रबला गांव के लोग सड़क सुविधा का इंतजार कर रहे हैं। सड़क सुविधा न होने से इलाके में विकास का अलख न जग पाने से लोग गुरबत की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्लयूर- द्रबला सड़क निर्माण के दस्तावेज जमा करवाने के साथ- सार्थ कई मर्तबा राजनेताओं व पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट से काम आरंभ करने की गुहार लगा चुके हैं। पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट तर्क दे रहा है कि सड़क निर्माण के पहले आरंभिक 475 मीटर हिस्से की गिफ्ट डीड न होने से काम आरंभ नही हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है इस हिस्से को बदलकर भी काम शुरू किया जा सकता है, क्योंकि 95 फीसदी लोगों ने अपनी भूमि विभाग के नाम कर रखी है। उन्होंने डीसी सुदेश मोख्टा से आग्रह किया है कि जल्द मसले का हल निकालकर पीडब्ल्यूडी को काम आरंभ करने के निर्देश जारी करें। डीसी सुदेश मोख्टा ने ग्रामीणों को मांग पर सहानूभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन दिया है।

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