Divya Himachal Logo Sep 25th, 2017

लारे लप्पे नहीं…हमें एम्स ही चाहिए

बिलासपुर के कोठीपुरा में प्रस्तावित एम्स को लेकर आंदोलनरत जागो बिलासपुर मंच अब निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए भी तैयार है। मंच का कहना है कि केंद्र सरकार का अभी तक एम्स को लेकर रुख साफ नहीं है और न ही अभी तक नोटिफिकेशन हो सकी है

नोटिफिकेशन पर ही खत्म करेंगे अनशन

जागो बिलासपुर जागो मंच बिलासपुर के संयोजक एवं एटक के प्रदेश सचिव एडवोकेट प्रवेश चंदेल का कहना है कि हम लोग तब तक नहीं मानेंगे जब तक एम्स का शिलान्यास नहीं कर दिया जाता, क्योंकि हर बार बिलासपुर के लोगों को राजनीतिक दलों ने अपने हित साधने के लिए वोट बैंक के नाम पर छला है। यदि एम्स की नोटिफिकेशन होती है तो वह आंदोलन खत्म करेंगे अन्यथा पीछे नहीं हटेंगे।

शिलान्यास तक जारी रहेगा संघर्ष 

जागो बिलासपुर जागो के सहसंयोजक एवं सेव माउंट संस्था के अध्यक्ष पवन ठाकुर का कहना है कि एम्स को लेकर भाजपा नेताओं के बीच सियासी जंग चली है, जिसका खामियाजा बिलासपुर की जनता को भुगतना पड़ रहा है।  ऐसे में अब जब तक शिलान्यास नहीं होता है तब तक विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं द्वारा गठित किए गए जागो बिलासपुर जागो मंच के बैनर तले संघर्ष जारी रहेगा।

पहले एम्स का शिलान्यास करवाएं

तिबेतन मार्केट बिलासपुर के अध्यक्ष रामलाल शर्मा का कहना है कि एम्स की अभी तक नोटिफिकेशन ही नहीं हो सकी है। फिर लोग क्या समझें कि राजनेताओं ने वोट बैंक के लिए बिलासपुर की जनता को छला है। पहले नेता एम्स का शिलान्यास कराएं तभी संघर्ष खत्म होगा अन्यथा निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। मार्केट के सभी लोगों का मंच को पूर्ण समर्थन है।

एम्स के शिलान्यास में देरी क्यों

तिबेतन मार्केट बिलासपुर के उपप्रधान मोहम्मद हामिद का कहना है कि एम्स की सौगात मिलने से बिलासपुर के लोगों में खुशी थी, लेकिन लंबे समय से शिलान्यास प्रक्रिया में हो रहे विलंब के चलते लोगों का विश्वास टूटने लगा है। ऐसा लगता है कि कहीं जनता के साथ छलावा तो नहीं किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को चाहिए वह जनहित के मद्देनजर जल्द से जल्द एम्स का शिलान्यास करवाकर जनता को राहत प्रदान करें।

केंद्र सरकार ही कर रही देरी

तिबेतन मार्केट बिलासपुर के महासचिव जावेद खान का कहना है कि एम्स एक ऐसा प्रोजेक्ट जिससे बिलासपुर की आर्थिकी सुदृढ़ होगी और प्रदेश व जिला की जनता को भी घरद्वार के पास स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार शिलान्यास को लेकर विलंब कर रही है। इसलिए लोगों को मंच के बैनर तले संघर्ष का रास्ता अख्तियार करने के लिए विवश होना पड़ा है।

एम्स के लिए लड़ेंगे हर लड़ाई

सेव माउंट संस्था के महासचिव संजय कटवाल का कहना है कि एम्स के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। भाखड़ा बांध बनने के बाद से लेकर आज तक यहां के लोगों के साथ भेदभाव ही होता रहा है। हाइड्रो कालेज बंदला में बनना है, लेकिन कक्षाएं नगरोटा में चल रही हैं। इसी प्रकार कोलडैम में हो रही बिजली प्रोडक्शन की हिस्सेदारी भी प्रभावितों को नहीं मिल पा रही है। ऐसे में आखिकार कब तक अन्याय सहेंगे विस्थापित।

September 14th, 2017

 
 

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