हड़ताली मुलाजिम बर्खास्त

 चंडीगढ़ में स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय के बाहर कचरा फें कने वाले तीन कर्मी धरे

चंडीगढ़ —  चंडीगढ़ नगर निगम ने कुछ ही घंटे की हड़ताल में भाग लेने वाले ठेके पर रखे 13 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया व इनमें से तीन के विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई, जिन्हें बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। बुधवार को 25 नियमित कर्मचारियों को बर्खास्त करने की सूची भी निगम के अतिरिक्त आयुक्त को भेजी गई। इस सूची में सफाई कर्मियों की यूनियन के अधिकांश नेता शामिल हैं। मंगलवार की हड़ताल के दौरान जिन तीन कर्मियों पर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय के बाहर कचरा फेंकने के आरोप पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की गई थी, उन्हें बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों में ठेके पर रखे गए चालक गुरचरण सिंह व कुलदीप सिंह तथा हेल्पर सर्वजीत सिंह शामिल हैं। शहर की सफाई में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। उनका कहना था कि अगर नेतागिरी छोड़ कर सभी को काम करने के लिए कहा जा रहा है, तो इसमें हड़ताल की धमकियां देने जैसी कार्रवाई जायज नहीं है। इससे पूर्व महापौर की अध्यक्षता में निगम पार्षदों की एक आपात बैठक भी बुलाई गई, जिसमें कांग्रेस पार्षद, निर्दलीय पार्षद तथा मनोनीत पार्षद भी शामिल थे। सभी ने एकजुट होकर सफाई कर्मियों की हठधर्मिता के आगे न झुकने का व इस मामले में महापौर का साथ देने का निर्णय लिया। इन्हें समय पर आवश्यक वस्तुएं तथा उपकरण देने से लेकर सीवरेज के काम के लिए मशीनें तक खरीदी गईं। इस अवसर पर राजेश गुप्ता, अनिल कुमार, अरुण सूद, सतीश कैंथ, रविकांत शर्मा, रविंद्र कौर गुजराल, चंद्रावथी शुक्ला, फर्मिला,  राजेश कालिया, गुरप्रीत ढिल्लो, सुनीता धवन, कर्नल कांडल, दविंदर सिंह भी उपस्थित थे। महापौर ने सफाई कर्मियों के नियमित पदों पर भर्ती न होने का ठीकरा भी सफाई कर्मचारी यूनियन के नेताओं पर फोड़ दिया। पत्रकार सम्मेलन में नई भर्ती न होने पर  उनका कहना था कि निगम ने तो सारी प्रक्रिया पूरी कर ली है, पर इनके नेता बार-बार हड़ताल की धमकियां देते हैं, जिससे नई भर्ती रुकती जा रही है।

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