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हिमाचल जो मांगेगा, मिलेगा

NEWSशिमला— केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि हिमाचल सरकार जो मांगेगी, मोदी सरकार से वही मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चहुंमुखी विकास के हिमायती हैं और हर क्षेत्र में बड़ी योजनाएं दी जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिलासपुर में बनने वाले एम्स की औपचारिकताएं जल्द पूरीं होंगी। जेपी नड्डा ने कहा कि हिमाचल सरकार प्रोजेक्ट तैयार करके भेजे। डायलिसिस की सुविधा उपमंडल स्तर तक उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश में अब तक ऐसे केंदीय चार डायलिसिस प्रोजेक्ट्स के माध्यम से 13 हजार लोग निःशुल्क फायदा उठा चुके हैं।   बुधवार को शिमला के पीटरहाफ में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 631.65 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले कुल 12 स्वास्थ्य संस्थानों के शिलान्यास किए। उन्होंने ये सभी शिलान्यास वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से किए। जेपी नड्डा और वीरभद्र सिंह ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से नाहन और चंबा मेडिकल कालेज का शिलान्यास किया। उन्होंने लाल बहादुर मेडिकल कालेज नेरचौक, मंडी में 45 करोड़ रुपए से बनने वाले टर्शरी कैंसर केयर यूनिट का भी वीडियो शिलान्यास किया। इसके अलावा इन दोनों नेताओं ने सुंदरनगर, टांडा मेडिकल कॉलेज, नूरपुर, नाहन, बिलासपुर, सोलन और ऊना में मातृ एवं शिशु खंड की आधारशिला भी रखी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुए शिलान्यास के दौरान टांडा में परिवहन मंत्री जीएस बाली, विधायक अजय महाजन, चंबा में वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, विधायक बीके चौहान व नाहन के विधायक डा. राजीव बिंदल मौजूद थे। ऊना में सांसद अनुराग ठाकुर थे तो मंडी के नेरचौक में आबकारी व कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी, सांसद राम स्वरूप शर्मा, सीपीएस सोहन लाल, घुमारवीं में सीपीएस राजेश धर्माणी, बिलासपुर में विधायक बंबर ठाकुर और सोलन में डीसी राकेश कंवर मौजूद थे।

30 वर्ष तक सभी का चेकअप फ्री

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने ऐसी योजना शुरू की है, जिससे 30 वर्ष की आयु तक सभी लोगों का फ्री चैकअप किया जाएगा। इसका मकसद गंभीर रोगों की शुरुआती दौर में ही रोकथाम करना रहेगा। देश के 100 जिलों में यह कार्य शुरू हो चुका है।

दवाइयां नहीं होंगी एक्सपायर

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऐसा सिस्टम डिवेलप किया गया है, जिससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक दवाएं एक्सपायर नहीं होंगी। यह सिस्टम प्रदेश मुख्यालय, जिला और दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ा होगा। यदि किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में कोई दवा एक्सपायर होने से पहले प्रयोग में नहीं लाई गई है, तो उसे जरूरतमंद इलाकों में भेजा जाएगा। इससे करोड़ों की दवाएं जो हर साल बेकार जाती थी, वे लोगों के लिए उपयोगी साबित होंगी।

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