हिमाचल ने दिए तीन और लेफ्टिनेंट

भडवार के राहुल सिंह सेना में अफसर

newsनूरपुर, जसूर – तहसील नूरपुर की पंचायत भडवार के गांव अपर वरमोली के राहुल सिंह जसवाल सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। उन्होंने चेन्नई में कमीशन प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि पर उनके गांव में व नूरपुर क्षेत्र में खुशी की लहर है। राहुल सिंह जसवाल के पिता कैलाश सिंह जसवाल सेना में वारंट आफिसर के पद पर सेवारत हैं, जबकि माता विमला देवी गृहिणी हैं। उनका बड़ा भाई अभिनय सिंह जसवाल भी सेना में सेवारत है और उनके स्वर्गीय दादा भी सेना में अपनी सेवाएं से चुके हैं। राहुल सिंह जसवाल ने अपनी जमा दो तक की पढ़ाई एयरफोर्स स्कूल चंडीगढ़, पठानकोट व जम्मू में पूरी करने के बाद एआईटी पुणे में कम्प्यूटर इंजीनियर की डिग्री प्राप्त की। इसके साथ-साथ एक बड़ी नामी विदेशी कंपनी में प्लेसमेंट प्राप्त की। उसके बाद पहली अक्तूबर, 2016 में आर्मी ज्वाइन की। अब नौ सितंबर को राहुल ने कमीशन प्राप्त किया।

साहिल गोरखा रेजिमेंट में देंगे सेवाएं

newsहमीरपुर- ग्राम पंचायत चबूतरा के पस्तल गांव का साहिल वर्मा सेना में लेफ्टिनेंट बन गया है। साहित वर्मा अब नाइन गोरखा रेजिमेंट में अपनी सेवाएं देंगे। उनके घर में खुशी का माहौल है। साहिल के माता-पिता को बधाई देने के ूिलए लोगों की भीड़ जुट रही है। साहिल के पिता भी खुद सेना से मेजर के पद से रिटायर हैं, जबकि माता साहिल वर्मा गृहिणी हैं। साहिल वर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चंडीगढ़ से प्राप्त की है। उन्होंने बीटेक (मेकेनिकल इंजीनियर) के बाद आफिसर ट्रेनिंग अकादमी चेन्नई ज्वाइन की। चेन्नई अकादमी में ट्रेनिंग के पश्चात नौ सितंबर को लेफ्टिनेंट पासआउट हुए हैं। इसके चलते साहिल के गांव में खुशी का दौर जारी है। साहिल का गांव में बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। साहिल वर्मा ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने माता-पिता व गांव का नाम रोशन किया है।

साकार हुआ पठियार के शुभम का सपना

newsनगरोटा बगवां – अपने ही परिवार से विरासत में मिले देशसेवा के जज्बे को आगे बढ़ाते हुए पठियार के शुभम जम्वाल ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद पाकर परिवार के सपने को साकार कर दिखाया है। आर्मी इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पुणे से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद पिछले वर्ष शुभम ने एसएसबी परीक्षा पास कर सैन्य सेवा का अपना मार्ग प्रशस्त किया। चेन्नई में साल भर का प्रशिक्षण प्राप्त कर शनिवार को आफिसर ट्रेनिंग अकादमी से पासआउट हुए शुभम इसी माह के अंत में राजौरी से भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में अपनी सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। काबिलेजिक्र है कि शुभम के परदादा तथा दादा स्व. किरपाल सिंह भी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं, जबकि पिता एसएस जम्वाल वर्तमान समय में भी सेना में बतौर कर्नल अपनी सेवाएं रानीखेत में दे रहे हैं। उनके चाचा कर्नल संजीव जम्वाल कारगिल युद्ध के दौरान वीरचक्र विजेता रह कर अभी भी देशसेवा में सपर्पित हैं।

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