34 पंचायतों को पानी नहीं पिला पाई कांग्रेस

बिलासपुर —  बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र की 34 ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर लोगों के साथ महज छलावा ही हुआ है। विडंबना यह है कि हलके की हरेक ग्राम पंचायत में पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, जबकि संपर्क मार्गों की हालत बेहद खराब होने की वजह से जनता में कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों और राज्य सरकार के प्रति भारी आक्रोश पैदा हो गया है। यही नहीं, डिपुओं को घटिया राशन की सप्लाई होने से भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। भाजपा के जनसंपर्क अभियान के तहत किए गए सभी पंचायतों के गांववार दौरे के दौरान यह बात सामने आई है। सदर हलके में विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों के दावे हवा साबित होते हैं। यह खुलासा बुधवार को यहां सर्किट हाउस में प्रेस कान्फ्रेंस में पूर्व सांसद सुरेश चंदेल ने किया है। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त को जनसंपर्क अभियान पूरा हो गया और इस दौरान हलके की सभी 34 पंचायतों में 206 गांवों को कवर किया गया। हर पंचायत में सात से आठ कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। केंद्र की उपलब्धियों के बखान के साथ ही कांग्रेस सरकार के अब तक के कार्यकाल की नाकामियों से भी जनता को अवगत करवाया गया है। उन्होंने बताया कि डिपुओं के माध्यम से जनता को मिलने वाले राशन की बात करें तो उदाहरण के तौर पर तल्याणा पंचायत में घटिया राशन जनता को दिया गया। सुरेश चंदेल के अनुसार कोलडैम परियोजना से पाइपों की बंदरबांट की गई। हलके की सभी पंचायतों में पानी की कमी है। पपरोला, चुराड़ी, गलोड़, भदरौण, दलित बस्ती डोला, ननावां, तल्याणा, जबल्याणा, टीहरा व कुनणू गांवों में पानी का गंभीर संकट है। इसी प्रकार सड़कों की बात की जाए तो कसोल-मोरसिंघी, कुठेड़ा-धारवाड़ा-लढेर-पटेर, भरेड़ी-बुराला, पनोह-हरलोग-तल्याणा, रोहिण-कुहघाट, मंदरीघाट-कुहघाट, पनोह-डैहर, कंदरौर-सलणू, बैरी-पंजगाईं-सोलग के साथ अन्य संपर्क मार्ग खस्ताहालत में हैं। इस दौरान भीम सिंह चंदेल, कुलदीप सिंह, शिवपाल मनहंस, प्यारेलाल चौधरी और श्री डोगरा इत्यादि मौजूद रहे।

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