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चुनाव आयोग ने छुड़ाए कांग्रेस-भाजपा के पसीने

दोनों दलों की दिल्ली दौड़ एक-दो दिन में, दावेदारोंं की छंटनी तक का नहीं मिला मौका

शिमला – केंद्रीय चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान से प्रदेश कांग्रेस व भाजपा दोनों ही दलों के पसीने छुड़ा दिए हैं। पार्टियों के पास प्रत्याशी फाइनल करने के लिए मात्र तीन-चार दिन का ही समय बचा है। यानी 16 अक्तूबर को नामांकन दाखिल करना होगा और 24 को नाम वापस लेने की अंतिम तारीख तय की गई है। प्रदेश भाजपा व कांग्रेस दोनों ने ही अभी तक 30 से 35 टिकट तय किए हैं। शेष पर विवाद कायम है। कांग्रेस में स्थिति सबसे खराब है। पार्टी चुनाव समिति तक की बैठक नहीं कर सकी है। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक तो दूर की बात रही। भाजपा ने बुधवार को ही श्रीनयनादेवीजी में चुनाव समिति की बैठक आयोजित की थी, मगर इसमें भी उम्मीदवारों के नामों पर कोई खास सहमति नहीं बन सकी। सूत्रों के मुताबिक अब दोनों ही दलों के नेता 16 अक्तूबर से पहले दिल्ली में बैठक आयोजित कर टिकट फाइनल करने की जुगत में हैं। चुनावी बिगुल बजते ही जहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व पार्टी मामलों के प्रभारी सुशील कुमार शिंदे से बातचीत की है, वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने इस बारे में पार्टी मामलों के प्रदेश प्रभारी मंगल पांडे से विचार-विमर्श किया है, जो गुरुवार को ही शिमला में मौजूद थे। यानी अब दोनों ही दलों को टिकट फाइनल करने की चुनौती रहेगी। वैसे इस बार भाजपा ही नहीं, कांग्रेस में भी टिकट हासिल करने का जुनून दावेदारों के सिर चढ़ कर बोला है। दोनों ही दलों को भितरघात व बागी उम्मीदवारों का खतरा भी बराबर दिख रहा है।

नामांकन को पहले से चार दिन कम

पिछली बार तीन अक्तूबर, 2012 को चुनाव घोषित किए गए थे। नामांकन दाखिल करने की तिथि 10 अक्तूबर थी।  इस तरह से पिछली बार सात दिन का वक्त सभी दलों को नामांकन के लिए मिला था, मगर इस बार 12 अक्तूबर को चुनावों का ऐलान किया गया है और नामांकन दाखिल करने की तारीख 16 अक्तूबर है। यानी दोनों ही दलों को नामों की छंटनी तक का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया है।

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