डेढ़ घंटा पहले तीन आईएफएस प्रोमोट

वन विभाग ने आचार संहिता के ऐलान से ठीक पहले दिया तोहफा, कर्मचारी करते रहे इंतजार

शिमला  —  हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के ऐलान से पहले ही वन विभाग में तीन आईएफएस अधिकारियों की पदोन्नति कर दी गई। चुनाव आचार संहिता गुरुवार चार बजे से लागू हुई और इन अधिकारियों की पदोन्नति की अधिसूचना करीब अढ़ाई बजे जारी कर दी गई। जिन अधिकारियों को मुख्य अरण्यपाल से अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल पदोन्नत किया गया है, उनमें समीर रस्तोगी, एआरएम रेड्डी और पीएल चौहान शामिल हैं। ये सभी भारतीय वन सेवा अधिकारी 1988 बैच के हैं। इनमें से समीर रस्तोगी व एआरएम रेड्डी का तबादला अन्यत्र नहीं किया गया है, जबकि पीएल चौहान को अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वर्किंग प्लान मंडी स्थानांतरित किया है। महकमे में अभी भी कर्मचारी स्तर की कई पदोन्नतियां रुकी पड़ी हैं, मगर आचार संहिता लागू होने की भनक से पहले ही इन अधिकारियों की पदोन्नति को तवज्जो दी गई। हालांकि दावा यही है कि स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक पहले हो चुकी थी, लिहाजा यह पदोन्नतियां आपेक्षित ही थीं। वन विभाग में पहले से ही 18 से भी ज्यादा अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल तैनात हैं। इन्हें लेकर सवाल उठते रहे हैं। यानी फील्ड में कर्मचारियों का टोटा रहने के बावजूद जिस तरह से अधिकारियों को पदोन्नतियां देकर शिमला मुख्यालय बिठाया जाता रहा है, उसे लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।

एजेवी प्रसाद की भी अधिसूचना जारी

एजेवी प्रसाद को राज्य खाद्य सुरक्षा आयोग का चेयरमैन बनाने की अधिसूचना भी गुरुवार को ही जारी की गई। हालांकि अधिकारिक तौर पर देर शाम तक इसकी पुष्टि सरकार की तरफ से नहीं हुई। तीन रोज पहले ही इस बारे में सरकार ने औपचारिकताएं पूरी की थीं। एजेवी प्रसाद हाल ही में अतिरिक्त मुख्य सचिव जीएडी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

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