तमिलनाडु में नए राजनीतिक समीकरण जल्द

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी-पन्नीरसेल्वम में मुलाकात की चर्चा सियासी गलियारों में तेज

नई दिल्ली — तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद श्री पन्नीरसेल्वम ने कहा कि यह महज एक शिष्टाचार मुलाकात थी, जिसमें किसी तरह की कोई राजनीतिक चर्चा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि श्री मोदी से उन्होंने राज्य के लिए वित्तीय मदद तथा ऊर्जा संयंत्रों के लिए अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति पर बात की। प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात को लेकर श्री पन्नीरसेल्वम की ओर से चाहे जो भी स्पष्टीकरण आया हो राजनीतिक गलियारों में यह अफवाह जोरों पर है कि जल्दी ही तमिलनाडु में नए राजनीतिक समीकरण देखने को मिल सकते हैं। श्री पन्नीरसेल्वम ने मुख्यमंत्री ई पलानीसामी और उनके बीच मतभेद की खबरों को भी गलत बताते हुए गुरुवार को कहा कि अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम के दोनों धड़ों के बीच बिना किसी शर्त के सुलह हुई है। हालांकि राज्य में विपक्षी दल द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम के नेता एमके स्टालिन ने आरोप लगाया है कि एआईएडीएमके ने भारतीय जनता पार्टी के आगे घुटने टेक दिए हैं और तमिलनाडु का सौदा कर लिया है। उपमुख्यमंत्री ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि इसमें भाजपा के आगे घुटने टेकने जैसी कोई बात नहीं है। दरअसल यह केंद्र के साथ बेहतर तालमेल बैठाने का प्रयास भर है, ताकि राज्य के विकास के लिए केंद्र से हर संभव मदद ली जा सके।

केसरिया रंग पर विवाद

इस बीच तमिलनाडु में डेंगू के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के पोस्टरों में हरे रंग के साथ केसरिया रंग को लेकर विवाद पैदा हो गया है। ऐसी अफवाह है कि राज्य सरकार ने भाजपा से नजदीकी दिखाने के लिए ऐसा किया है। हालांकि राज्य के मंत्री दयाकुमार ने इस आरोप का खारिज करते हुए कहा है कि पोस्टर में केसरिया नहीं, बल्कि लाल रंग है जो कि डेंगू के खतरे को दिखाने के लिए डाला गया है। वे यहां तक कह गए कि जिसे ये लाल रंग केसरिया नजर आ रहा है उन लोगों को अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए।

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