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तलवार दंपति बरी

इलाहाबाद— इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बहुचर्चित आरुषि एवं हेमराज की हत्या के आरोपी राजेश तलवार और नूपुर तलवार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति वीके नारायण और न्यायमूर्ति एके मिश्रा की पीठ ने आरुषि के माता-पिता नूपुर तलवार और राजेश तलवार को अपनी बेटी की हत्या के आरोप से दोष मुक्त कर दिया। इस मामले में न्यायालय ने निचली अदालत से मिली सजा निरस्त कर दी। नौ साल पहले हुए इस हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास तथा क्रमशः 17 हजार रुपए एवं 15 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। दोनों ने इस फैसले के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि आरुषि को मम्मी-पापा ने नहीं मारा। ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट भी इतनी कठोर सजा नहीं देता है। बताया जा रहा है कि हाई कोर्ट ने तलवार दंपति को तुरंत जेल से रिहा करने का आदेश दिया है। उधर, जेल में बंद तलवार दंपति फैसला सुनने के बाद भावुक हो गए और उन्होंने एक-दूसरे को गले लगा लिया। कोर्ट ने कहा कि संदेह का लाभ देते हुए तलवार दंपति को रिहा किया जाता है। वकीलों का कहना है कि राजेश और नूपुर जल्द ही डासना जेल से रिहा हो सकते हैं। गौरतलब है कि तलवार दंपति ने उम्रकैद की सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील की थी। हाई कोर्ट ने अब निचली अदालत के फैसले को पलट दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि उम्रकैद की सजा देने वाले पूर्व जज श्यामलाल भी गुरुवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचे थे। फैसला आने से पहले तलवार दंपति काफी परेशान थे। जेल में बंद राजेश और नूपुर तलवार को रात में नींद नहीं आई। दोनों ने सुबह का नाश्ता भी नहीं किया। बताया जा रहा है कि सुबह हेल्थ चेकअप के दौरान उनका ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ था। तलवार दंपति ने डासना जेल से ही टीवी के जरिए फैसला सुना। करीब नौ साल पहले नोएडा के सेक्टर-25 स्थित जलवायु विहार में हुई इस मर्डर मिस्ट्री की पुलिस के बाद सीबीआई की दो टीमों ने जांच की थी। गाजियाबाद स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने 26 नवंबर, 2013 को राजेश और नुपुर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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