पानी-जमीन से उड़ान वाले विमान की तैयारी

नई दिल्ली— सरकार पानी और जमीन दोनों जगहों पर उतरने और उड़ान भरने की खूबी वाले एम्फीबियन विमानों के शेड्यूल परिचालन को मंजूरी देने पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है। हालांकि, सस्ती हवाई यात्रा वाली सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़ान’ के दूसरे चरण के लिए इन विमानों के परिचालन की अनुमति मिलने की संभावना नहीं है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ विमान सेवा प्रदाता कंपनियों ने एम्फीबियन विमानों के परिचालन में रुचि दिखाई है। इसे देखते हुए मंत्रालय में पिछले सप्ताह एक बैठक हुई, जिसमें इनका परिचालन शुरू करने के उद्देश्य से फ्रेमवर्क की समीक्षा की गयी। किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट ने पिछले सप्ताह ही बताया था कि वह ‘उड़ान’ के तहत सुदूर इलाकों में 10 से 14 सीटों वाले एम्फीबियन विमानों के परिचालन के अवसर तलाश रही है। उसने नागपुर और गुवाहाटी में इनकी कोडियेक क्वेस्ट विमानों की डेमो फ्लाइट भी की है, जिसे वह जापानी कंपनी सेटॉची होल्डिंग्स से खरीदेगी। ‘उड़ान’ से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार स्पाइसजेट के अलावा एक अन्य कंपनी ने भी एम्फीबियन विमानों के परिचालन में रुचि दिखाई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कम से कम उड़ान-2 के लिए इन विमानों की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि एम्फीबियन विमानों के लिए अभी कई मानक तय किए जाने हैं और उनके बिना इसकी अनुमति देनी संभव नहीं है। उड़ान-2 के लिए बोली प्रक्रिया पिछले महीने ही शुरू हो चुकी है। अधिकारी ने ‘उड़ान-3’ में एम्फीबियन विमानों की संभावना से इनकार नहीं किया। देश में फिलहाल एम्फीबियन विमानों का शेड्यूल परिचालन के लिए इस्तेमाल नहीं होता है।

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