फौजियों के नए सिरे से बनेंगे वोट

सभी सर्विस इलेक्ट्रोल को ऑनलाइन करना होगा आवेदन

हमीरपुर – हिमाचल में सभी फौजी मतदाताआें के वोट निरस्त कर दिए गए हैं। नौ नवंबर को प्रस्तावित विधानसभा चुनावों के लिए सभी सर्विस इलेक्ट्रोल के नए सिरे से वोट बनाए जा रहे हैं। इसके लिए केंद्रीय चुनाव आयोग ने संपूर्ण प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत हिमाचल के सभी सैनिक-अर्द्धसैनिक नए वोटर ही इस विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए अधिकृत होंगे। इसके लिए सभी सर्विस इलेक्ट्रोल को वोट बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही मतदाता बनने का प्रावधान किया है। इस प्रक्रिया के बाद राज्य चुनाव आयोग सभी फौजी मतदाताआें को बैलेट पेपर की बजाय ऑनलाइन प्रक्रिया से मतदान का आग्रह करेगा। जाहिर है कि इस व्यवस्था के कारण सर्विस इलेक्ट्रोल की वोटिंग प्रसेंटेज में रिकार्ड वृद्धि की संभावना है। हालांकि मतदान के बाद सर्विस इलेक्ट्रोल का वोट फिजिकल पेपर से निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा। इस पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया में मतदान के बाद वोट का बैलेट पेपर प्रिंट आर्डर के माध्यम से वापस चुनाव अधिकारी को भेजने का प्रावधान किया गया है। लिहाजा इस नई प्रक्रिया में भी 18 दिसंबर को प्रस्तावित वोटों की गिनती का पहला राउंड सर्विस इलेक्ट्रोल का होगा। बहरहाल, केंद्रीय चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि राज्य के सभी सर्विस इलेक्ट्रोल को मतदान के लिए नए सिरे से वोट बनाना पड़ेगा। चुनाव आयोग ने इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि चार अक्तूबर को निर्धारित की थी। पुख्ता सूचना के अनुसार इस समय अवधि तक हिमाचल में सिर्फ 36 हजार सर्विस इलेक्ट्रोल पंजीकृत हुए हैं। इसमें सात हजार 967 वोटर अकेले हमीरपुर जिला के हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में इस जिला से सर्विस इलेक्ट्रोल की संख्या 11 हजार थी। नतीजतन फौजी मतदाताआें के वोट नए सिरे से बनाने की प्रक्रिया में कई पुराने वोटों पर कैंची चल गई है। इसी के चलते चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया अभी जारी रखने के निर्देश दिए हैं। जाहिर है कि हिमाचल प्रदेश में फौजी मतदाताआें का रुख अहम रहता है। प्रदेश में दो लाख के करीब सैन्य परिवार हैं।

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