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‘मिस्टर इंडिया’ के खिताब पर नजर

‘मिस्टर हिमाचल-2017’ ऋत्विक शर्मा की ‘दिव्य हिमाचल’ से विशेष बातचीत

धर्मशाला —  ‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ के इवेंट ‘मिस्टर हिमाचल-2017’ का खिताब जीतने के बाद विजेता शिमला के ऋत्विक शर्मा ने कहा कि अब वह प्रदेश के लिए ‘मिस्टर इंडिया’ का टाइटल जीतने के लिए कड़ा अभ्यास करेंगे। धर्मशाला ऑडिटोरियम में ‘मिस्टर हिमाचल-2017’ का टाइटल जीतने के बाद उन्होंने ‘दिव्य हिमाचल’ के साथ परिवार के सदस्यों संग विशेष बातचीत की। ऋत्विक शर्मा ने कहा कि ‘मिस्टर हिमाचल’ का खिताब जीतने के बाद उन्हें बहुत खुशी हो रही है। ‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ ने उन्हें एक ऐसा मंच दिया, जिससे वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल हो पाए हैं। ‘दिव्य हिमाचल’ ने एक बहुत बड़ा मंच प्रदेश के युवाओं के लिए शुरू किया है। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय कड़ी मेहतन, माता सलोनी शर्मा, पिता कपिल देव शर्मा और परिवार को दिया। शिमला के निवासी ऋत्विक के पिता रामपुर में दुकान चलाते हैं, जिससे ही उनके परिवार का पालन-पोषण होता है। टैग नंबर-तीन 22 वर्षीय ऋत्विक शर्मा चंडीगढ़ में एमबीए कर रहे हैं। पांच फट नौ इंच के ऋत्विक ने ‘मिस्टर हिमाचल’ ऑडिशन से लेकर ग्रैंड फिनाले तक अपनी स्माइल के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने निर्णायक मंडल के सवालों के भी बखूबी जवाब दिए। ऋत्विक के पिता कपिल देव शर्मा ने कहा कि उनके बेटे ने ‘मिस्टर हिमाचल-2017’ का खिताब जीतकर उनका व परिवार का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि मुझे अपने बेटे पर गर्व है।

मॉडलिंग में नाम कमाना फर्स्ट रनरअप अविनाश का लक्ष्य

धर्मशाला— ‘मिस्टर हिमाचल-2017’ के फर्स्ट रनरअप का खिताब अपने नाम करने वाले कांगड़ा के अविनाश ठाकुर का कहना है कि वह मॉडलिंग की दुनिया में नाम कमाकर प्रदेश का नाम चमकाएंगे। टैग नंबर सात 26 वर्षीय पांच फुट दस इंच के अविनाश ठाकुर कांगड़ा ज्वाली के रहने वाले हैं। ठाकुर ने बीटेक और एमटेक की पढ़ाई करने के बाद ‘दिव्य हिमाचल’ के मंच के जरिए मॉडलिंग के क्षेत्र में कदम रखा। उनकी माता शारदा देवी और पिता रशपाल सिंह ने बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी जातई है। अविनाश ठाकुर ने ‘दिव्य हिमाचल’ के मंच को प्रदेश के युवाओं के लिए गोल्डन चांस बताया है।

रोल मॉडल बनना चाहते हैं सेकेंड रनरअप शुभम कश्यप

धर्मशाला —‘मिस्टर हिमाचल-2017’ के सेकेंड रनरअप का खिताब सोलन के शुभम कश्यप ने अपने नाम किया। 11 नंबर टैग पांच फुट 11 इंच के 23 वर्षीय शुभम कश्यप ने ग्रैंड फिनाले की विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में हुनर का प्रदर्शन किया। सोलन के रहने वाले शुभम की माता सुमिति कश्यप हैं, जबकि पिता स्वर्गीय राजेंद्र कश्यप का देहांत हो चुका है। शुभम ने बीटेक की है। उन्होंने ‘दिव्य हिमाचल’ से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक इस तरह का कोई मंच मॉडलिंग के लिए उपलब्ध नहीं था। वह प्रदेश के युवाओं के लिए रोल मॉडल बनकर स्वस्थ रहने और नशे से दूर रहने के लिए भी प्रेरित करेंगे।

हिमाचल का पानी और जवानी, दोनों देश के…

धर्मशाला —  ‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ के प्रधान संपादक अनिल सोनी ने ‘मिस्टर हिमाचल-2017’ ग्रैंड फिनाले में कहा कि प्रदेश का पानी और जवानी दोनों ही देश के काम आ रहे हैं। ऐसे में हिमाचल को छोटा कहना कहीं न कहीं प्रदेशवासियों के दिल को दर्द पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल छोटा राज्य नहीं है। इस बात का एहसास हर वर्ष सीमाओं पर होने वाली 30 फीसदी प्रदेश के वीरों की कुर्बानियां दिलाती हैं। पीजी कालेज धर्मशाला ऑडिटोरियम में ग्रैंड फिनाले के मौके पर एडिटर-इन-चीफ ने कहा कि हमारी गलियों और शहरों में काफी तनाव बना हुआ है। ऐसे में उम्मीद है कि शनिवार की शाम बेहतरीन रही होगी। प्रतिभागियों को ‘दिव्य हिमाचल’ के मंच पर भेजने के लिए अभिभावक भी बधाई के पात्र हैं। ये 14 युवा इंजीनियर प्रदेश की शान हैं। प्रधान संपादक ने कहा कि पायल ठाकुर जैसी प्रतिभाओं की कर्म कला की आंखों से प्रदेश नए सपने बुनता है। उन्होंने प्रदेश की बेटियों के लिए शुरू  किए गए इवेंट ‘मिस हिमाचल’ की बात करते हुए कहा कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान बहुत पहले शुरू कर चुका है। पिछले 20 वर्षों से ‘दिव्य हिमाचल’ अपनी मिट्टी के साथ जड़कर कार्य कर रहा है, जो आगे भी जारी रहेगा। मीडिया ग्रुप के मंच पर आकर एसपी कांगड़ा भी संगीत की धुनों में खो गए। यह प्रदेश की उपलब्धि है कि भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले जीतेश ठाकुर ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। लक्ष्य की ओर चलते हुए कई फिसलते हैं। संघर्ष से ही लक्ष्य प्राप्त करने का आनंद आता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सोने जैसी मिट्टी पानी में बहकर पड़ोसी राज्यों में चली जाती है, और खेतों में उपजाऊ मिट्टी से लहलहाती फसलें होती हैं।

हिमाचली हुनर के कायल हुए जितेश ठाकुर

धर्मशाला— ‘दिव्य हिमाचल’ के इंवेट ‘मिस्टर हिमाचल-2017’ के ग्रैंड फिनाले में बतौर सेलिब्रिटी जज पहुंचे ‘मिस्टर सुप्रा नेशनल के सेकेंड रनरअप’ जितेश ठाकुर भी हिमाचल की प्रतिभाओं के कायल हो गए। उन्होंने कहा कि ‘दिव्य हिमाचल’ ने प्रदेश की प्रतिभावान युवाओं को बड़ा मंच प्रदान कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का बेहतरीन कार्य किया है। वह प्रदेश की युवाओं की प्रतिभा से काफी अधिक प्रभावित हुए हैं। युवा आगे चलकर प्रदेश के रोल मॉडल बनकर हिमाचल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करेंगे।

तरुण ठाकुर-नवीन जॉनी को सम्मान

‘मिस्टर हिमाचल-17’ के फिटनेस पार्टनर एवं स्टेट सिलेक्टर तरुण ठाकुर ने इंवेट के लिए विशेष सहयोग किया। वह ऑडिशन के दौरान हर जिला में प्रतिभाओं को खोजने के लिए पहुंचे। उन्होंने साथ ही फिनाले के लिए युवाओं को विशेष तैयारी करवाई। डांस कोरियोग्राफर नवीन पाल जॉनी ने प्रतिभागियों को डांस सिखाया। उन्हें मीडिया ग्रुप के प्रधान संपादक अनिल सोनी द्वारा विशेष पुरस्कार से नवाजा गया।

‘प्रेरणा पुरस्कार’ से नवाजीं विभूतियां

समाज के उत्थान के लिए बेहतरीन योगदान पर दिया सम्मान

धर्मशाला  —  ‘दिव्य हिमाचल’ ने समाज के उत्थान के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाली विभुतियों को ‘मिस्टर हिमाचल-2017’ ग्रैंड फिनाले में सम्मानित कर उनके कार्य की सराहना की। ‘दिव्य हिमाचल प्ररेणा पुरस्कार’ शिमला के रमेश ठाकुर, जिदंगी जिंदाबाद संस्था और राजगढ़ कनोग के नैन सिंह को दिया गया। शिमला के रमेश ठाकुर में नई पीढ़ी को धर्म से जोड़ने की अनोखी ललक है। उन्होंने मोबाइल व इंटरनेट के जाल से उलझते बच्चों को जड़ से जोड़े रखने के लिए अपनी कार को बेचकर प्राप्त राशि से पुस्तकें खरीदीं। इन पुस्तकों को श्री ठाकुर ने कई स्कूलों व पुस्तकालयों में भेंट किया, जिससे युवा इंटरनेट की दुनिया से बाहर निकलकर किताबों व समाज को समझें। एड्स से ग्रस्त लोगों को भले ही समाज घृणा की दृष्टि से देखे, लेकिन सामाजिक क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाली जिंदगी जिंदाबाद संस्था ने एड्स रोग से ग्रस्त लोगों के लिए संजीवनी का कार्य कर रही है। यह संस्था एड्स रोगियों को सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है। संस्था को प्रदेश के सैकड़ों लोगों को नई जिदंगी से जोड़ने के लिए ‘दिव्य हिमाचल प्ररेणा पुरस्कार’ से सम्मानित किया। सिरमौर के राजगढ़ के कनोग से संबंध रखने वाले नैन सिंह को पर्यावरण संरक्षण में बेहतरीन कार्य करने के लिए ‘दिव्य हिमाचल प्ररेणा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। नैन सिंह की उम्र 88 वर्ष है। नैन सिंह पेड़-पौधों को प्रकृति का उपहार मानते हैं। श्री सिंह अब तक 1500 पौधे लगा चुके हैं।

स्पांसर्ज को सम्मान

एसीएमई स्टडी प्वांइट, फोर्टिस हास्पिटल कांगड़ा, मैरिडियन मेडिकेयर लिमिटेड, हिमालयन पाइप इंडस्ट्री, एलन ऐपलाइंसिज, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भूषण ज्वेलर्ज, ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल, ब्लू स्टार सीनियर सेकेंडरी स्कूल हमीरपुर, पीआर मंडी, राजेश ट्रेडिंग कंपनी, जैनिसिस, डीके इलेक्ट्रॉनिक्स, आकाश डाइग्नोस्टिक लैब, होटल पिकाडली मनाली, फिटनेस पार्टनर भीमद्वार जिम शिमला, गर्ग मोडवेयर कांगड़ा, दि विसप्रिंग पाइंस, सिरडी साई ट्रेडिंग कंपनी, ड्यूक, न्यू ग्रीन राजपूत ढाबा, रमेश शर्मा व रतन पाल ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।

एंकर जयंत ने मिमिक्री से किया मनोरंजन

ग्रैंड फिनाले में एंकर जयंत भारद्वाज ने भी खूब कमाल दिखाया। जयंत भारद्वाज ने शेरो-ए-शायरी व मिमिक्री  से कार्यक्रम में खूब समां बनाए रखा। इसके लिए उन्हें ‘दिव्य हिमाचल’ द्वारा विशेष पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

एसपी कांगड़ा ने पत्नी संग जमाया रंग

जिला कांगड़ा के एसपी डा. रमेश छाजटा और उनकी धर्मपत्नी ने भी ‘दिव्य हिमाचल’ के ‘मिस्टर हिमाचल-2017’ ग्रैंड फिनाले में अपनी आवाज के जादू से खूब समा बांधा। एसपी व उनकी पत्नी ने गजल में जुगलबंदी करके खूब तालियां बटोरीं।

‘हिमाचल की आवाज’ पायल ने झुमाए दर्शक

‘मिस्टर हिमाचल-2017’ के ग्रैंड फिनाले में ‘हिमाचल की आवाज’ व जी न्यूज में अपनी आवाज का हुनर दिखा चुकी पायल ठाकुर, हिमाचली लोक गायक सुनील राणा ने अपनी गीतों से खूब रंग जमाया। पायल ठाकुर ने मंच में आते ही खूब तालियां बटोरीं। पायल ठाकुर ने हिंदी गाना ‘शौक से लीजिए इश्क का इम्तिहान’ गया। हिमाचली लोक गायक सुनील राणा ने आया बो जिंदे बंजारा हो, प्यारूआ हो सहित पहाड़ी गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

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