ईएमआई में कटौती नहीं

नई दिल्ली— विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई दर के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति अगली समीक्षा बैठक में नीतिगत दर को शायद ही कम करे। खाद्य और ईंधन की कीमतें बढ़ने से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति सात महीने के उच्च स्तर पर चल रही है। वित्तीय सेवा कंपनी मोर्गन स्टेनली ने एक रिसर्च पेपर में मुद्रास्फीति की मुख्य दर में तेजी है और मुद्रास्फीति के दीर्घ कालिक रझान के स्थिर बने रहने से हमें नहीं लगता है कि रिजर्व बैंक दिसंबर में होने वाली मौद्रिक समीक्षा में दरों में कमी करेगा। जापान की वित्तीय सेवा फर्म नोमुरा ने मुद्रास्फीति में वृद्धि के लिए सरकारी कर्मचारियों को मकान भत्ता और जीएसटी के प्रभावों को जिम्मेदार ठहराते हुए रिजर्व बैंक दिसंबर में होने वाली समीक्षा बैठक में नीतिगत दरों में कोई परिवर्तन नहीं होने का अनुमान जताया है।

 

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