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जंगली मशरूम छुड़ाएगी दारू की लत

चंडीगढ़, उत्तराखंड सहित मशरूम निदेशालय सोलन में शोध कार्य शुरू

सोलन— शराब की लत छुड़वाने व शराब के प्रति घृणा पैदा करने के लिए अब मशरूम एक वरदान साबित हो सकती है। देश के चंडीगढ़, उत्तराखंड व मशरूम निदेशालय सोलन में इस बाबत व्यापक स्तर पर शोध चल पड़े हैं। इस मशरूम को कोपररिंस एटरामैगटे नामक रसायनिक नाम दिया गया है। इस मशरूम से निकलने वाले रसायन का उपयोग अनुपातिक मात्रा में करके शराब की लत छुड़वाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। यह मशरूम हालांकि जंगलों में भी पाई जाती है तथा कई स्थानों पर आम भी उग आती है। अपने आप उगने वाली जंगली मशरूम हालांकि जहर भी हो सकती है किंतु व्यापक शोध के बाद इसे अब लैब में पैदा किया जाएगा। इस मशरूम में एल्कलाइड पाई जाती है तथा यह फंगस के रूप में आता है। वैज्ञानिक इससे कोपरिन नामक द्रव्य भी निकालेंगे तथा यह भी एल्कोहल को छुड़ाने में सहायक सिद्ध होगा। नार्थ अमरीका मेें इस मशरूम को कोपरीनस कोमाटस भी कहते हैं। इस मशरूम से निकलने वाले रसायन एल्कलाइड को शराब के साथ देकर एल्कोहल की लत को छुड़वाया जा सकता है। ऐसा वैज्ञानिकों का मानना है।  इससे पहले कोपरिन कंपाउंड को भी निर्धारित मात्रा में शराब के साथ सेवन करवाने के तुजुर्बे किए गए, लेकिन कोपरिन कई बार शराब के साथ मिलकर जहर भी बन जाता है। अब देश के मशरूम निदेशालय सोलन, चंडीगढ़ व उत्तराखंड की कई बड़ी लैबोटरी में इस में व्यापक शोध चल पड़ा है। बताया जा रहा कि उत्तराखंड की एक कंपनी सौम्या फूड में भी इस बाबत काम चल पड़ा है। सोलन मशरूम निदेशालय के निदेशक वीपी शर्मा ने कहा कि प्राथमिक रिसर्च में अभी स्वास्थ्य की दृष्टि से इस अनुसंधान को मानकों पर खरा उतरने में समय लगेगा, लेकिन देश की कई बड़ी लैबोरेटरी में भी अनुसंधान चल पड़ा है। बहरहाल अगर शोध का कार्य शुरू हो चुका है और उम्मीद की जा सकती है कि इसके परिणाम सुखद ही रहेंगे।

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