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धर्मशाला-मकलोडगंज रोप-वे का काम शुरू

धर्मशाला — देश की दूसरी राजधानी की महत्त्वाकांक्षी रोप-वे परियोजना का निर्माण कार्य कंपनी ने शुरू कर दिया है। परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद धर्मशाला बस स्टैंड के पास कंपनी ने लोअर टर्मिनल के निर्माण के लिए कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही रोप-वे के लिए निर्मित होने वाले टावर के लिए पेड़ों की कटाई भी आरंभ कर दी है। इस परियोजना के निर्माण में दस जगह टावर स्थापित किए जाने हैं। इसमें से तीन जगह कंपनी ने कटाई का कार्य कर लिया है। टावर के लिए चिन्हित किए गए शेष बची जगह भी जल्द ही पेड़ों की कटाई का कार्य किया जाएगा। जानकारी के अनुसार पर्यटन नगरी धर्मशाला-मकलोडगंज में आए दिन बढ़ रही वाहनों की तादाद देखते हुए इन दोनों मुख्य स्थानों को जोड़ने के लिए रोप-वे परियोजना को मंजूर किया गया था। इसमें रोप-वे के लोअर टर्मिनल का निर्माण बस स्टैंड धर्मशाला, जबकि अपर टर्मिनल का निर्माण दलाईलामा मंदिर मकलोडगंज के समीप किया जाएगा। इस रोप-वे निर्माण के लिए करीब पांच सौ पेड़ों की कटाई की जानी है, जिसके लिए कंपनी ने विभाग के पास पैसे जमा करवाने बाद फाइनल मंजूरी प्राप्त कर ली थी। परियोजना निर्माण में कटने वाले पेड़ों की भरपाई के लिए खनियारा में कंपनी द्वारा पौधारोपण करने के लिए जमीन चिन्हित की गई थी। धर्मशाला की परियोजना को विधानसभा चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले ही फाइनल मंजूरी मिल गई थी, जिसके चलते आचार संहिता लगने के बाद भी यह कार्य आरंभ कर दिया गया। आचार संहिता के बीच ही निर्माण कार्य आरंभ करते हुए कंपनी ने धर्मशाला बस स्टैंड के पास लोअर टर्मिनल के निर्माण के लिए खुदाई का कार्य आरंभ किया है। धर्मशाला तथा मकलोडगंज में बनने वाले इन टर्मिनल में यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय कक्ष, टिकट काउंटर, शौचालय व बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा इस रोप-वे में एक समय में दो ट्रालियां अप एंड डाउन चलेंगी।

पहले हुए सर्वे में थी कुछ खामियां

चामुंडा-आदि हिमानी चामुंडा रोप-वे परियोजना के निर्माण के लिए कंपनी द्वारा सर्वे किया जा रहा है। इस कंपनी द्वारा हाल ही में किए गए सर्वे की रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी, लेकिन इस सर्वे में कुछ खामियां सामने आने के बाद परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी अब इन खामियों में सुधार कर रही है, जिसके बाद वह अपनी सर्वे रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी, जिसमें परियोजना के निर्माण में आने वाली भूमि तथा पेड़ों की रिपोर्ट देगी।

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