परंपराएं याद दिला गया रामपुर का अंतरराष्ट्रीय लवी मेला

सीएम ने किया विधिवत समापन, स्थानीय उत्पादों ने बनाई विशेष पहचान

रामपुर बुशहर— अंतरराष्ट्रीय लवी मेले का मंगलवार को समापन हो गया। समापन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया। मेला कमेटी की तरफ से उन्हें शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समापन समारोह में उपस्थित व्यापारियों एवं लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय लवी मेला सैकड़ों वर्ष पुराना है। यह मेला भारत व चीन के बीच आपसी व्यापार के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि अब इस मेले में देश के आधुनिक उत्पादों की भी बिक्री होती है तथा लोकल पारंपरिक उत्पाद भी बेचे जाते हैं। यह केवल व्यापारिक मेला ही नहीं, बल्कि इस मेले में हमारी पुरानी संस्कृति की विशेष झलक दिखती है। आज भी यहां पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की खरीद फरोख्त, ऊनी वस्त्रों, ड्राई फ्रूट्स, जड़ी-बूटियों की खरीद प्रमुख है। आज यह मेला कई ऊंचाईयां छू रहा है। उन्होंने कहा कि मेले में आज भी पारंपरिक संस्कृतिक की झलक देने को मिलती है। सीएम ने इस दौरान मेला आयोजन कमेटी के आयोजक व मेले में आए तमाम गणमान्य लोगों का धन्यवाद किया। चार दिन तक चले इस मेले का समापन मंगलवार को हो गया है, लेकिन अभी कुछ दिनों तक यहां पर व्यापार चलता रहेगा, ताकि लोगों को खरीदारी करने का और मौका मिल सके। इस मौके पर विधायक नंदलाल, नगर परिषद अध्यक्ष मीना कुमारी, उपाध्यक्ष दीपक सूद, डीसी शिमला रोहन चंद ठाकुर, एसडीएम डा. निपुण जिंदल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

पहाड़ी कलाकारों ने झुमाया

अंतरराष्ट्रीय लवी मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या सिरमौर के दलीप सिरमौरी और कुल्लू के इंद्रजीत के नाम रही। दोनों कलाकारों की आवाज का जादू संध्या में दर्शकों के सिर चढ़कर बोला। दलीप सिरमौरी ने अपने पूरे दल के साथ मंच पर एंट्री मारी।  इसके बाद कुल्लू के इंद्रजीत ने कुल्लवी वेशभूषा में सज-धजकर अपनी टीम के साथ पारंपरिक अंदाज में कार्यक्रम पेश किया।

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