उड़नपरी की हालत अभी नाजुक

ऊना की बख्शो का पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा इलाज

हरोली – ऊना की उड़नपरी द्वारा जहरीले पदार्थ का सेवन करने के बाद इसका पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार जारी है। पुलिस ने जहर निगलने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। उड़नपरी बख्शो के अचानक जहर निगलने का मामला सामने आने के बाद खिलाड़ी वर्ग में भी निराशा है। समाजसेवी संगठन भी इस उड़नपरी के कुशलक्षेम की कामना कर रहे हैं। हालांकि पीजीआई चंडीगढ़ में बख्शो देवी की हालत स्थिर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार हरोली के गांव ईसपुर की निवासी बख्शो देवी जमा एक की छात्रा है। शुक्रवार देर सायं बख्शो ने जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत खराब होने पर इसे क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में भर्ती करवाया गया, जहां से गंभीर स्थिति के चलते इसे पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रैफर कर दिया गया। उड़नपरी बख्शो देवी ने जिला स्तर पर शून्य डिग्री तापमान पर नंगे पांव दौड़कर पांच हजार मीटर की रेस में गोल्ड मेडल जीता था। गरीब परिवार से संबंधित यह छात्रा खेल प्रतिभा के दम पर सुर्खियों में आई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रथम चरण में की गई पुलिस कार्रवाई में गलती से जहरीला घोल निगलने का मामला सामने आया है। पुलिस इस मामले से जुड़े हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है, जबकि उड़नपरी बख्शो देवी पीजीआई चंडीगढ़ में जिंदगी व मौत की जंग लड़ रही है। डीएसपी हरोली गोपाल वर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गलती से जहरीली दवाई निगलने की बात सामने आई है।

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