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कंडा जेल से तीन कैदी फरार

आधी रात बैरक की खिड़की तोड़ भागे संगीन अपराधों के आरोप में बंद नेपाली

शिमला— केंद्रीय जेल कंडा, शिमला से गंभीर अपराधों में बंद तीन कैदी फरार हो गए हैं। फरार हुए तीनों कैदी नेपाली मूल के हैं। इनमें से एक कैदी पर हत्या का मुकदमा चल रहा था, जबकि दो पर रेप के केस अदालत में चल रहे हैं। कैदियों ने जेल की बैरक की खिड़की का सरिया तोड़ा और इसके बाद वहां से दीवार को फांद कर निकल गए। पहली नजर में इस मामले में सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही पाई गई है। जेल प्रशासन ने इसके लिए जिम्मेदार दो जवानों को सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच पुलिस अधीक्षक जेल को सौंपी गई है। हिमाचल की जेलों में सुरक्षा के कितना पुख्ता इंतजाम हैं, यह शिमला की कंडा जेल में कैदियों के फरार होने से साफ हो गया है। इस केंद्रीय जेल से रात को संगीन जुर्म में बंद तीन कैदी फरार हो गए और जेल स्टाफ को इसकी भनक तक नहीं लगी। एक साथ तीनों कैदियों के जेल से फरार होने का मामला सामने आने के बाद राज्य की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कैदियों के फरार होने की यह वारदात पांच दिसंबर की रात को हुई। जानकारी के अनुसार ये कैदी जेल के ए-ब्लॉक की बैरक नंबर-4 में रखे गए थे। इस बैरक में कुल 28 अंडर ट्रायल कैदी थे। तीनों नेपाली बलात्कार, हत्या के अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार हुए थे और उन पर कुल्लू, शिमला और किन्नौर की अदालतों में केस चल रहे हैं। जेल परिसर की इस बैरक की सुरक्षा में दो सुरक्षाकर्मी लगाए गए थे। बताया जा रहा है कि कैदियों की फरार होने का पता बुधवार सुबह करीब सवा चार बजे चला, जब सुरक्षा कर्मियों ने बैरक चैक की। मामले की सूचना तत्काल पुलिस थाना बालूगंज के साथ-साथ विभाग के उच्चाधिकारियों को भी दी गई है। फरार कैदियों के खिलाफ बालूगंज थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आसपास की जगहों की तलाशी ली, लेकिन इनका कोई पता नहीं चल पाया है। कैदियों के फोटो अन्य थानों में भेजे गए हैं। पुलिस महानिदेशक सोमेश गोयल ने कहा है कि प्रदेश में सारे नाकों को सील किया गया है।  फरार कैदियों पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। वहीं पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ भी इस बारे में संपर्क स्थापित किया गया है। इन कैदियों के नेपाल फरार होने की आशंका जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो इन कैदियों को भारत लाना मुश्किल होगा। नेपाल के साथ भारत की प्रत्यपर्ण संधि नहीं है। कुल्लू के रघुनाथ मंदिर चोरी के आरोपी को भी हिमाचल पुलिस इसी वजह से हिमाचल नहीं ला सकी थी, हालांकि वहां की पुलिस की मदद से उसको नेपाल में पकड़ लिया गया था। हिमाचल की जेलों से कैदियों का फरार होने का यह पहला मामला नहीं है। कई साल पहले शिमला के आक्सलैंड दोहरा हत्याकांड का एक कैदी श्यामलराव रैडी नाहन जेल से फरार हुआ था, लेकिन उसका आज तक पता नहीं चल पाया है।

बैरक की खिड़की की ग्रिल तोड़कर भाग निकले तीनोें

जांच में सामने आया है कि इन कैदियों ने बैरक की एक खिड़की में लगी ग्रिल को तोड़ दिया और इसमें कंबल बांधकर नीचे उतरे। इसके बाद इन्होंने जीआईएस पाइप का सहारा लेकर जेल परिसर में लगी पहली 16 फुट की ऊंची दीवार को फांदा। जेल में इन दिनों निर्माण कार्य चला हुआ है और ऐसे में यहां पर जीआईएस पाइपें पड़ी हुई थीं। कैदियों ने इसका ही सहारा लिया। इसके बाद जेल परिसर की अंतिम 10 फुट ऊंची दीवार को इन्होंने फांद लिया। माना जा रहा है कि कैदियों ने इस दीवार को एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर पार किया। इसके बाद वे यहां साथ लगते जंगल में गायब हो गए।

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