बात बेनतीजा, गुस्से में मुस्लिम समुदाय

पांवटा में प्रशासन के साथ हुई बैठक, आरोपियों को जल्द पकड़ने का दिलासा

 पांवटा साहिब— मेलियों मस्जिद में धर्मग्रंथ जलाए जाने के बाद बुधवार को प्रशासन व मुस्लिम समाज के साथ हुई बैठक न केवल तनाव से परिपूर्ण थी, बल्कि किसी नतीजे तक भी नहीं पहुंची। डीआईजी आसिफ जलाल के साथ बैठक में मुस्लिम समुदाय ने पुलिस कार्रवाई पर रोष जताया और एनएच जाम के बाद हुए दर्ज मामले तुरंत वापस लेने की मांग रखी। पांवटा साहिब में शांति बहाली के लिए डीआईजी आसिफ जलाल को विशेष रूप से शिमला से यहां भेजा गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। आरोपियों को पकड़ने के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे शांति बनाए रखें।  दूसरी ओर मंडलायुक्त शिमला आरएन बत्ता ने समुदाय के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अपील की है कि वे धैर्य एवं शांति बनाए रखें और मामला सुलझाने के लिए उचित समय दें, ताकि गुनहगारों को बेनकाब किया सके। बैठक में मुस्लिम नेता नजाकत अली हाशमी, शमशेर अली, नासिर अली रावत व शमशेर हाशमी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इससे पहले भी मस्जिदों और मजारों पर तोड़ फोड़ की गई। हर बार पुलिस ने फिंगर प्रिंट उठाकर मामले को रफा-दफा कर दिया। अब तो कुरान-ए-पाक को जलाया गया है। यह हिंदोस्तान में पहला ऐसा मामला है। इसलिए जल्द ही समुदाय भी अपने अधिकार के लिए रणनीति बनाएगा।

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