सड़कों का घटिया काम करने वाले ठेकेदारों को न दें पेमेंट

राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा में बोले धवाला, रात को हो रही टायरिंग

तपोवन— विधानसभा में शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर शुरु हुई चर्चा में भाजपा विधायक रमेश धवाला ने कहा कि मौजूदा समय में प्रदेश की वित्तीय स्थिति खराब है और फिजूलखर्ची की गई है। सड़कों के रखरखाव घटिया तरीके से किया गया। रात को टायरिंग की जा रही है और दो माह में यह उखड़ रही है। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में ठेकेदारों को पेमेंट न की जाए। उन्होंने जंगलों से खैर चोरी होने पर भी चिंता जताई। वनकाटू इसमें लगे हैं और उन के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सीएम से आग्रह किया कि वे मामला उठाएं और खैर के कटान की इजाजत लें और इससे राज्य को आय होगी। उन्होंने सीएम से कहा कि राज्य में ईमानदार अधिकारी हैं, लेकिन जो सही काम नहीं करवा रहे, उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां पर स्कूल खुलें और स्तरोन्नत हों। विपक्ष का सकारात्मक सहयोग मिलेगा तो राज्य को सभी मिलकर बुलंदी पर ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री को सलाम करते हैं, क्योंकि वे वाकई में मार्शल हैं, वह बड़े धुरंधर रहे हैं। वह खुद तो जीते ही, साथ ही उनका बेटा भी जीता। उन्होंने कहा कि आज सदन का नजारा बदला-बदला नजर आ रहा है और गरीब परिवार से निकले जयराम सीएम बने हैं और हमारे बीच का सीएम दिखाई दे रहा है।

अभिभाषण में भविष्य की योजनाएं ही नहीं

विधायक राम लाल ठाकुर ने कहा कि अभिभाषण गौण स्थिति में है। इसको समय लगाकर बनाया जाता और भविष्य में सरकार क्या करेगी, यह स्पष्ट करना चाहिए था। यह कहा जा रहा है कि जयराम ठाकुर पहले युवा मुख्यमंत्री बने हैं, लेकिन जब पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पहली बार सीएम बने थे तो उनकी उम्र 49 वर्ष थी। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से की सहायता पर कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में 62 करोड़ रुपए जरूरतमंदों के लिए बंटे हं, परंतु जब कांग्रेस ने वर्ष 2012 में सत्ता संभाली थी, तब भाजपा ने इस कोष में केवल मात्र डेढ़ लाख रुपए ही छोड़ा थे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ किशन कपूर तथा  रमेश धवाला ने मोर्चा खोला था तथा विधानसभा के बाहर भी धरना दिया था, लेकिन अब क्या हुआ।

विक्रम ठाकुर बोले, गड़े मुर्देे न उखाड़े विपक्ष

विधायक विक्रम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष गड़े मुर्देे न उखाड़े। हमने तो पूर्व मुख्यमंत्री को बूढ़ा ही देखा है तो उनको बुजुर्ग ही कहेंगे और पांव छूकर आशीर्वाद लेंगे। कांग्रेस अपने कार्यकाल में बताए कि कितने एनएच मिले, जबकि मोदी सरकार ने प्रदेश को 63 नए एनएच दिए। कांग्रेस के मंत्री तो बोलकर कार्यक्रमों में अपने स्वागत के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को बुलाते थे। उन्होंने सीएम रीलीफ फंड से बंदरबांट करने के आरोप लगाते हुए इसकी जांच करवाने की बात कही।

अभिभाषण सही ढंग से तैयार नहीं हुआ

विधायक आशा कुमारी ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि अफसरशाही अपनी सेटिंग में लगी रही और अभिभाषण को सही ढंग से तैयार नहीं कर पाई। अंग्रेजी भाषा में इसका अनुवाद इस प्रकार किया गया है कि दसवीं कक्षा के छात्र भी नहीं करते। उन्होंने अभिभाषण में युवा मुख्यमंत्री शब्द लिखे जाने को गलत बताया। आशा कुमारी ने कहा कि भाजपा का विजन कब बदलेगा पता नहीं, लेकिन भाजपा पहले कांगे्रस की योजनाआें का विरोध करती है। बाद में उनका सत्ता में आने पर समर्थन करते हुए जनता के सामने पेश करती है।

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