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हल्की नोक-झोंक के साथ शीतकालीन सत्र विदा

चार दिन के सेशन में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव सहित 23 नए विधायक पहुंचे सदन

धर्मशाला— तपोवन में चार दिन तक चले 13वीं विधानसभा के पहले सत्र में नएपन के साथ सौहार्द बनाए रखने के दावों के बावजूद नए नेताओं में खुद को 21 साबित करने की होड़ रही। हल्की नोक-झोंक के बीच सत्र के अंतिम दौर में सदन के भी थोड़ी तपिश थी। सदन में लंबे समय बाद मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता के आसान पर नए चेहरों का पदार्पण हुआ। चार दिन की कार्यवाही में जहां पहले दिन विधायकों को शपथ दिलाई गई, वहीं दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष और तीसरे दिन उपाध्यक्ष का चुनाव हुआ। सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ, जिस पर दो दिन तक चर्चा हुई। आखिरी दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने चर्चा का जवाब दिया। चार दिन का यह सत्र नई सरकार का पहला सत्र था। सदन में इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से हल्की नोक-झोंक भी हुई। 13वीं विधानसभा के लिए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से चयन हुआ। विपक्ष की ओर से कोई भी उम्मीदवार न उतारे जाने के चलते डा. राजीव बिंदल अध्यक्ष, जबकि हंसराज चौहान उपाध्यक्ष बने। डा. बिंदल विधानसभा के 16वें अध्यक्ष बने। इससे पूर्व पहले दिन बतौर प्रोटेम स्पीकर रमेश धवाला ने सदन की कार्यवाही चलाते हुए विधायकों को शपथ दिलाई। सदन की इस कार्यवाही के दौरान नए युग परिवर्तन की चर्चाओं के बीच जनता में भी उत्साह देखने को मिला। प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार सबसे अधिक 23 नए विधायक चुनकर सदन में पंहुचे। इनमें 17 भाजपा, चार कांग्रेस और दो निर्दलीय विधायक लोकतंत्र के मंदिर तक पहुंचने में कामयाब रहे। सत्र के दौरान पहला दिन शपथ ग्रहण समारोह के साथ संपन्न हो गया, जबकि दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के अलावा राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। तीसरे दिन अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विधायक राकेश पठानिया द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव लाए जाने के दौरान उनके द्वारा पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए अवैध खनन और स्वास्थ्य सेवाओं सहित अफसरशाही पर भी सवाल खड़े किए। इस दौरान कुछ देर के लिए माहौल गरमाया, पर बाद में चर्चा फिर से सौहार्दपूर्ण तरीके से चली।

नए मुख्यमंत्री को देखने का क्रेज

सत्र के दौरान पहले ही दिन से नई सरकार के स्वागत के साथ-साथ मुख्यमंत्री और मंत्रियों से मिलने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों में नए मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए काफी क्रेज देखा गया। कई लोग मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाते देखे गए तो कई लोग सेल्फी लेते हुए मुख्यमंत्री के साथ नजर आए।

वीरभद्र सिंह बोले, मैं तो अभी जवान हूं

सत्र के आखिरी दिन सदन में उस समय ठहाका लगा, जब मुख्यमंत्री की उम्र पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान वीरभद्र सिंह अपनी सीट से खड़े होकर कहने लगे कि  ‘वह अभी भी जवान हैं’, जिस पर सारा सदन ठहाके से गूंज उठा। चर्चा चल रही थी कि जयराम युवा मुख्यमंत्री बने हैं, इस पर विपक्ष की विधायक आशा कुमारी ने कहा कि जयराम से पहले भी प्रदेश के पांचों मुख्यमंत्री अपने समय से सबसे छोटी उम्र के मुख्यमंत्री बने थे। प्रदेश पहले मुख्यमंत्री यशवंत सिंह परमार 45 साल, ठाकुर राम लाल 48, शांता कुमार सबसे कम  42, वीरभ्रद सिंह 49, जबकि प्रेम कुमार धूमल 53 साल की उम्र में मुख्यमंत्री बने थे।

मैं दो-तीन सुझाव दूंगा, सही लगे तो ठीक…

रमेश धवाला ने सदन में चर्चा के दौरान युवाआें के लिए ठोस नीति बनाने की बात कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूर्व में तो युवाआें से 10-10 ग्राम चरस पकड़ कर उनके खिलाफ केस बनाए गए, जबकि सही दिशा में इन युवाआें को ले जाने के लिए कुछ नहीं किया गया। युवाआें को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए रिसोर्स जेनरेट करने चाहिए। समय ज्यादा होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने विधायक को जल्द अपनी बात को पूरा करने के लिए कहा। इस पर रमेश धवाला ने कहा कि मैं दो-तीन सुझाव दूंगा, सही लगे तो ठीक है, नहीं तो मैं नहीं कहूंगा।

विक्रम ठाकुर बोल रहे थे और बत्ती गुल

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा पर उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर बोले रहे थे, तभी अचानक बिजली कट लगना आरंभ हो गया। पहले 11ः46 पर बिजली गुल हुई, जिसके बाद कुछ लम्हों में ही तीन बार बिजली आती-जाती रही। उन्होंने सदन में चार बार मित्रो शब्द का भी प्रयोग किया।

सदन में चला बधाइयों का दौर

स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर शुक्रवार को सदन में विधानसभा अध्यक्ष ने सबको बधाई दी। साथ ही शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल का जन्मदिन भी होने के चलते सदन सदस्यों ने उनको भी बधाई दी। विधायक आशा कुमारी ने भी अध्यक्ष को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि संयोग से आज प्रियंका गांधी का भी जन्मदिन है, उनको भी बधाई, जिस पर सदन में ठहाके लगे। उन्होंने स्कीईंग में मेडल जीतने वाली बेटी आंचल को बधाई देते हुए कहा कि हिमाचल के लिए गौरव की एक और बात है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की बेटी भी चीफ जस्टिस नियुक्त हुई हैं, उनको भी बधाई।

महेंद्र जी काम में ध्यान  रखिएगा…

विधायक आशा कुमारी ने सदन में चर्चा के दौरान आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह का नाम लेते हुए कहा कि जितना होमवर्क यह करते हैं, उतना कोई भी नहीं करता है। महेंद्र जी काम काम करने में ही ध्यान रखिएगा, किसी के कार्यों में दखल मद दीजिएगा।

आपको बधाई, पर उम्र नहीं पूछ रहा हूं

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस पर बधाई देने के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष को भी जन्मदिन की बधाई। इस दौरान उन्होंने हास्य अंदाज में विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल को कहा कि अध्यक्ष को भी बधाई, लेकिन उनकी उम्र नहीं पूछ रहा हूं।

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