खुदरा महंगाई चार महीने में सबसे कम

फरवरी में राहत, दालों-चीनी व मसालों के दाम घटे

नई दिल्ली – दालों की कीमतों में गिरावट के साथ अन्य खाद्य पदार्थों के दाम में भी अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी से फरवरी में उपभोक्ता मूल्य आधारित खुदरा महंगाई की दर लगातार दूसरे महीने घटती हुई चार महीने के निचले स्तर 4.44 प्रतिशत पर आ गई। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार फरवरी में खाद्य पदार्थों की खुदरा महंगाई दर 3.26 प्रतिशत रही। पिछले साल फरवरी की तुलना में इस साल फरवरी में दालों के दाम 17.35 प्रतिशत घट गए हैं। मसालों की कीमतों में भी 1.01 प्रतिशत और चीनी तथा कन्फेक्शनरी उत्पादों में 0.26 प्रतिशत की गिरावट रही। हालांकि सब्जियों की कीमत एक साल पहले की तुलना में 17.37 प्रतिशत बढ़ी है। यह खुदरा महंगाई का पिछले साल अक्तूबर (3.58 प्रतिशत) के बाद का निचला स्तर है। पिछले साल फरवरी में यह दर 3.65 प्रतिशत और इस साल जनवरी में 5.07 प्रतिशत रही थी। अन्य खाद्य पदार्थों में अनाजों की महंगाई दर 2.10 फीसदी, मांस और मछलियों की 3.31 प्रतिशत, अंडों की 8.51 प्रतिशत, दूध एवं डेयरी उत्पादों की 3.83 प्रतिशत, तेल एवं वसा उत्पादों के 1.09 प्रतिशत, फलों के 4.50 प्रतिशत तथा तैयार खाद्य पदार्थों और मिठाइयों की 4.47 प्रतिशत रही। बता दें कि खाद्य पदार्थों के अलावा अन्य समूहों की महंगाई दर ज्यादा रही है।

कपड़े-जूते की कीमतों में इजाफा, घर बनाना भी महंगा

कपड़ों और फुटवियर की महंगाई दर पांच प्रतिशत रही है। इसमें एक साल पहले के मुकाबले कपड़े 5.12 प्रतिशत और जूते-चप्पल 4.14 प्रतिशत महंगे हुए हैं। सातवें वेतन आयोग के भत्ते लागू करने के बाद आवास वर्ग की महंगाई दर ज्यादा बनी हुई है। पिछले साल फरवरी के मुकाबले आवास 8.28 प्रतिशत महंगे हुए। ईंधन एवं बिजली वर्ग की महंगाई दर 6.80 प्रतिशत रही। अन्य के वर्ग में घरेलू उपयोग की वस्तुओं और सेवाओं की कीमत 4.16 प्रतिशत, स्वास्थ्य सेवाओं की 4.95 प्रतिशत, परिवहन एवं संचार की 2.39 प्रतिशत, मनोरंजन के साधनों की 4.25 प्रतिशत, शिक्षा की 4.05 प्रतिशत तथा निजी सौंदर्य प्रसाधन की 4.24 प्रतिशत बढ़ी है। महंगाई के काबू में आने से अप्रैल में रिजर्व बैंक के ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ी है। फरवरी की बैठक में उसने महंगाई बढ़ने की आशंका के मद्देनजर नीतिगत ब्याज दरें नहीं घटाई थी।

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