टेंशन बना ट्रांसफर एक्ट

शिक्षकों सहित अब आम जनता की भी राय लेगा विभाग, फिर मांगे सुझाव

शिमला  – हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों के लिए लागू होने वाले ट्रांसफर एक्ट पर सरकार व शिक्षा विभाग भी असमंजस में हैं। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर एक्ट को लागू करना है या नहीं, इस पर वह प्रदेश सरकार पर ही पूरी तरह से निर्भर है। सोमवार को शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर ट्रांसफर एक्ट पर फिर से सभी शिक्षक संघों, अन्य सरकारी विभागों सहित आम जनता से सुझाव मांगे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार ट्रांसफर एक्ट सभी शिक्षकों सहित वोकेशनल शिक्षकों पर भी लागू करने का फैसला लिया गया है, लेकिन शिक्षक ट्रांसफर एक्ट के विरोध में हैं। शिक्षकों को यह एक्ट रास नहीं आ रहा है। यही कारण है कि अब शिक्षा विभाग आम लोगों के भी एक्ट के बारे में सुझाव चाहता है। उल्लेखनीय है कि ट्रांसफर एक्ट को लेकर शिक्षक संघों के साथ शिक्षा विभाग की ओर से बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सभी संघों के सदस्यों ने इस एक्ट का विरोध किया। शिक्षकों ने कहा कि इस एक्ट को समझाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से ड्राफ्ट भी अध्यापकों तक नहीं पहुंचाया गया है, जिस कारण यह एक्ट कई शिक्षकों को समझ नहीं आ रहा है।

सरकार को भेजे जाएंगे शिक्षकों के सुझाव

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक डा. मनमोहन शर्मा का कहना है कि इस एक्ट को लेकर शिक्षकों की ओर से दिए गए तर्क व सुझाव जल्द ही प्रदेश सरकार को भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस एक्ट पर शिक्षकों को दिए गए सुझाव पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जो सरकार को सौंपी जाएगी। उसके बाद सरकार का जो फैसला होगा, उसके अनुसार ही ट्रांसफर एक्ट पर कार्य किया जाएगा।

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