टेट मैरिट पर नहीं होगी जेबीटी भर्ती

हाई कोर्ट ने हिमाचल सरकार को दी छूट, ट्रिब्यूनल का फैसला पलटा

शिमला – हिमाचल प्रदेश में जेबीटी की नियुक्ति अब टेट की मैरिट के आधार पर नहीं होगी। प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को छूट दी है कि याचिका लंबित रहते हुए जेबीटी पदों को 50 प्रतिशत बैचवाइज और 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से भरा जा सकता है, लेकिन ये पद टेट की मैरिट के आधार पर नहीं भरे जाएंगे। ज्ञात रहे कि प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने जेबीटी के भर्ती एवं पदोन्नति नियम पंद्रह को निरस्त कर दिया था। इस नियम के तहत जेबीटी की भर्ती टेट की मैरिट के आधार पर की जा रही थी, लेकिन बाद में प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने पुनर्विचार याचिका में सरकार को छूट दी थी कि वे जेबीटी के पदों को पुराने नियमों के तहत भर सकते हैं। ट्रिब्यूनल द्वारा पारित इस आदेश को प्रार्थी राकेश कुमार और अन्य ने याचिका के माध्यम से हाई कोर्ट के समक्ष चुनौती दी। याचिका में दलील दी गई है कि जब ट्रिब्यूनल द्वारा ही जेबीटी के भर्ती एवं पदोन्नति नियम पंद्रह को निरस्त कर दिया गया है, तो उस स्थिति में ट्रिब्यूनल राज्य सरकार को टेट की मेरिट के आधार पर भर्ती करने की छूट नहीं दे सकता। हाई कोर्ट ने प्रार्थी की दलील से सहमति जताते हुए ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेश को स्थगित कर दिया। राज्य सरकार द्वारा हाई कोर्ट के समक्ष स्थगन आदेशों को निरस्त करने के लिए प्रतिवेदन दायर किया गया था, जिसकी सुनवाई के पश्चात न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने उसे खारिज कर दिया और अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन पदों को भरना चाहती है तो 50 प्रतिशत पद बैचवाइज और 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से भर सकते हैं, लेकिन ये पद टेट की मैरिट के आधार पर नहीं भरे जाएंगे। प्रार्थी के अनुसार शिक्षा विभाग ने वर्ष 2017 जेबीटी के सात सौ पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की थी। प्रार्थी ने पहले प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के समक्ष याचिका दायर की, लेकिन ट्रिब्यूनल ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। ट्रिब्यूनल के इस निर्णय को प्रार्थी ने हाई कोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी। उस याचिका का निपटारा करते हुए  हाई कोर्ट ने ट्रिब्यूनल से आग्रह किया था कि इस मामले का निपटारा जल्दी से किया जाए। उसके बाद ट्रिब्यूनल ने जेबीटी के भर्ती एवं पदोन्नति नियम पंद्रह को निरस्त कर दिया था। इन नियमों  के तहत जेबीटी की भर्ती टेट की  मैरिट के आधार पर की जा रही थी। ज्ञात रहे कि प्रदेश हाई कोर्ट जेबीटी की भर्ती जिलावार ही किए जाने का आदेश पहले ही दे चुका है। वर्ष 2012 में ठेके पर जेबीटी शिक्षकों के 1308 पद भरने के लिए एलीमेंटरी शिक्षा विभाग ने विज्ञापन जारी किया, इसके बाद 26 अक्तूबर को एक सर्कुलर जारी कर विभाग ने यह व्यवस्था दी कि उम्मीदवार संबंधित जिला में रोजगार कार्यालय में पंजीकृत होना चाहिए। प्रार्थियों ने इस शर्त को हाई कोर्ट में विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी थी।  इस बारे में जेबीटी बेरोजगार संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं याचिकाकर्ता राकेश का कहना है कि उच्च न्यायालय द्वारा जेबीटी भर्ती को लेकर बना गतिरोध समाप्त कर दिया गया है। हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग को संशोधित आर एंड पी नियम के तहत भर्ती करवाने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। इससे प्रदेश के हजारों जेबीटी अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचेगा।

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