डिफाल्टरों के परिवार को नहीं मिलेंगे क्रशर 

बजट सत्र के दौरान उद्योग मंत्री ने स्पष्ट की स्थिति, विधायक राकेश पठानिया ने उठाया मसला

शिमला – प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि डिफाल्टर क्रशर मालिकों को उनके परिवार के समेत क्रशर लगाने के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। अमूमन ऐसे मामले सामने आते रहे हैं कि एक डिफाल्टर अपने भाई या किसी अन्य के नाम पर मंजूरी ले लेता है, परंतु इस पर अब सरकार पूरी तरह से रोक लगाएगी। ये ऐलान उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने सोमवार को विधानसभा में किया। उन्होंने कहा कि वह चक्की खड्ड में हो रहे अवैध खनन को लेकर वहां का दौरा करेंगे। विधायक राकेश पठानिया ने सदन में चक्की खड्ड से संबंधित सवाल उठाकर न केवल अपनी सरकार को आगाह करने की कोशिश की बल्कि पूर्व सरकार के कारनामों को भी उजागर करने का पूरा प्रयास किया। एक मौका तो ये था कि वह अपनी ही सरकार को घेरते हुए नजर आए परंतु उद्योग मंत्री ने  माकूल जवाब देकर उनको शांत कर दिया। विधायक राकेश पठानिया ने आरोप जड़े कि पूर्व सरकार में एक फिशिंग पौंड माफिया भी सक्रिय हुआ था जो अभी भी काम कर रहा है। ये लोग फिश पौंड के नाम पर मंजूरी लेते थे और माइनिंग का काम करते रहे।  उन्होंने मछलियो के नाम पर माइनिंग को बंद करने की मांग की। उद्योग मंत्री ने कहा कि  इस मामले की पूरी पड़ताल की जाएगी।

34 और को नोटिस

उद्योग मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों पर विभाग 34 और स्टोन क्रशर मालिकों को नोटिस देने जा रही है। पठानिया ने कहा था कि 80 करोड़ 71 लाख रुपए माइनिंग के वसूल किए जाने शेष हैं। उद्योग मंत्री ने बताया कि 120 स्टोन क्रशर मालिकों को अब तक नोटिस दिए जा चुके हैं जिसमें से 88 कांगड़ा जिला के ही हैं।

झोलना में भी अवैध क्रशर

विधायक विक्रम सिंह जरयाल ने सदन में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके क्षेत्र की झोलना पंचायत में भी अवैध रूप से एक क्रशर चलाया जा रहा है। इन लोगों ने अढ़ाई किलोमीटर तक रोड का निर्माण वन विभाग की जमीन पर किया है,  उन्होंने इसकी जांच की मांग की।

हमले पर नहीं हुई कार्रवाई

विधायक राकेश सिंघा ने चक्की खड्ड में भी पूर्ण चंद शर्मा नामक व्यक्ति पर हुए हमले के दोषियों को अब तक पकड़े नहीं जाने पर जानकारी मांगी जिस पर मंत्री ने बताया कि चिंतपूर्णी स्टोन क्रशर मंड को इस घटना के बाद सील कर दिया गया है। कानून अपनी कार्रवाई कर रहा है।

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