फ्रांस में चर्चा, कहां है बनारस

वाराणसी में राष्ट्रपति मैक्रों के शानदार स्वागत पर बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

वाराणसी – फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों अपने चार दिवसीय भारत दौरे के अंतिम दिन सोमवार को निर्धारित कार्यक्रम के मुताबकि पूर्वाह्न लगभग पौने 11 बजे प्रचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी वाराणसी पहुंचे, जहां हवाई अड्डे पर उनका गर्मशोजी से स्वागत किया गया। श्री मैक्रों और उनकी धर्मपत्नी ब्रिजिट मैक्रों के बाबतपुर के लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगवानी की। श्री मोदी अपने खास अंदाज श्री मैक्रों से गले मिले और कुछ देर तक एक दूसरे का हाथ थामे रहे। श्री मोदी के अलावा मोदी उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विदेशी मेहमानों का अभिवादन किया। इसके बाद श्री मोदी और श्री मैक्रों मिर्जापुर के लिए रवाना हो गए। मिर्जापुर में राष्ट्रपति मैक्रों और मोदी ने 800 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बने भारत के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र का विन्ध्य की खूबसूरत पहाडि़यों के बीच उद्घाटन किया। इसके बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा किया। प्रधानमंत्री के साथ फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों अस्सी घाट पहुंचे, जहां दोनों नेता नाव में बैठकर गंगा में घूमे। दोनों के साथ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। इसके बाद पीएम मोदी मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां वाराणसी-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पटना आने जाने वालों को काफी सुविधा होगी। इस दौरान पीएम मोदी ने स्वच्छता को लेकर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद पीएम मोदी वाराणसी के कारखाना ग्राउंड पहुंचे, जहां उन्होंने महिलाओं को चेक वितरित किए। इसके बाद पीएम मोदी ने वाराणसी के कारखाना ग्राउंड में 775 करोड़ रुपए की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और शिलान्यास किया। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज बनारस के लोगों ने कमाल कर दिया। फ्रांस के घर-घर में यह चर्चा हो रही है कि बनारस कहां है? उन्होंने कहा कि काशी के लोगों ने फ्रांस के राष्ट्रपति का जबरदस्त स्वागत किया। आज काशी का जितना धन्यवाद करूं, उनता कम है।

तीन किलोमीटर तक कराई गंगा की सैर

वाराणसी में मोदी ने मैक्रों को गंगा की सैर कराई। दोनों अस्सी घाट से नाव में बैठे और तीन किलोमीटर चलने के बाद दशाश्वमेध घाट पहुंचे। इस दूरी को तय करने में करीब 20 मिनट का वक्त लगा। इससे पहले उन्होंने बड़ा लालपुर के दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल भी देखा

स्वागत के लिए सजी काशी

पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के स्वागत में काशी सजाई गई। प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति जिस रास्ते से होकर गुजरें, उन रास्तों को रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूलों से सजाया गया। वहीं अस्सी से लेकर दशाश्वमेध घाट के बीच पड़ने वाले सभी घाटों को सजाया गया। बनारस वासियों की बात करें, तो उनको इस बात की उम्मीद है कि उनके सांसद और फ्रांस के राष्ट्रपति की दोस्ती और उनका वाराणसी दौरा बनारस के विकास को नया आयाम देगा।

सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन

राष्ट्रपति मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी ने 800 करोड़ से अधिक की लागत से बने भारत के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र का विन्ध्य की खूबसूरत पहाडि़यों के बीच उद्घाटन किया। विजयपुर स्थित दादरकला में स्थापित इस प्लांट में पांच लाख 86 हजार 382 प्लेट््स लगाए गए हैं। 75 मेगावाट के इस सोलर प्लांट का फ्रासींसी कंपनी एनर्जी सोलर ने निर्माण किया है। इसमें 800 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आई है।  388 एकड़ क्षेत्रफल में फैले 75 मेगावाट के इस सौर बिजली प्लांट के निर्माण में दो वर्ष लगा है। इसमें करीब तीन करोड़ यूनिट बिजली प्रतिमाह पैदा की जाएगी। इसकी स्थापना यूपी नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) और फ्रांस की एनर्जी सोलर कंपनी की ओर से स्थापित की गई है। इस सौर ऊर्जा के चालू हो जाने के बाद अब हर दिन एक से डेढ़ लाख घरों को रोशन किया जा सकेगा।

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