वीसी अब 70 नहीं 65 साल तक

हमीरपुर – हिमाचल प्रदेश में वाइस चांसलर की नियुक्तियों का रास्ता आसान हो गया है। राज्य सरकार ने आयु सीमा 65 साल निर्धारित कर वीरभद्र सरकार के फैसले को पलट दिया है। पूर्व सरकार ने वाइस चांसलर तथा बोर्ड निगम के चेयरमैन की अधिकतर आयु 70 साल निर्धारित की थी। इसके चलते प्रदेश में हिमाचल तकनीकी विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में वाइस चांसलर की नियुक्ति अधर में लटक गई थी। अलबत्ता जयराम सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर और बोर्ड निगम के चेयरमैन की नियुक्ति नए नियमों के तहत करने के आदेश पारित किए हैं। तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में वाइस चांसलर भर्ती के लिए दिसंबर, 2016 से प्रक्रिया आरंभ हो गई थी। वाइस चांसलर आरएल शर्मा मई, 2017 में सेवानिवृत्त हो गए थे। इसके चलते छह माह पूर्व भर्ती प्रक्रिया शुरू कर 31 मार्च, 2017 तक नए वीसी के लिए आवेदन मांगे थे। इस दौरान अधिकतम आयु सीमा 65 साल या तीन साल का कार्यकाल था। दोनों में से कोई भी शर्त पहले लागू होने पर रिटायरमेंट का प्रावधान किया गया था, क्योंकि वीरभद्र सरकार तत्कालीन वाइस चांसलर आरएल शर्मा को दोबारा वाइस चांसलर नियुक्त करने के मूड में थी, क्योंकि अधिकतर आयु सीमा 65 साल होने के कारण आरएल शर्मा सेवानिवृत्त हुए थे। इसके चलते पिछली सरकार ने पांच साल आयु सीमा बढ़ाने का एजेंडा कैबिनेट को भेजा। प्रदेश मंत्रिमंडल ने नियमों में संशोधन कर वाइस चांसलर और बोर्ड निगम के चेयरमैन की आयु सीमा 65 साल से बढ़ाकर 70 साल कर दी। इस प्रक्रिया के चलते तकनीकी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर की चल रही भर्ती को रोक दिया गया। वहीं जयराम सरकार ने सत्ता में काबिज होते ही पिछली सरकार के कैबिनेट फैसलों की समीक्षा आरंभ कर दी। इस फेहरिस्त में वीसी तथा बोर्ड निगम के चेयरमैन के भर्ती नियमों की आयु सीमा का फैसला भी पलट दिया। अब सरकार ने दोबारा आयु सीमा अधिकतम 65 साल या तीन साल का कार्यकाल की शर्त लागू कर दी है। इसके तहत वाइस चांसलर की भर्ती प्रक्रिया नए सिरे से आरंभ करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

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