अब एसएमसी टीचर भी जाएंगे कोर्ट

शिक्षकों ने लिया फैसला, बार-बार एक्सटेंशन देने के सरकार के निर्णय से नाराज

शिमला  –एसएमसी शिक्षक एक बार फिर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। सरकार से एक साल की एक्सटेंशन से नाखुश प्रदेश भर के एसएमएसी शिक्षकों ने अब न्यायालय तक अपनी मांगों को ले जाने का फैसला लिया है। एसएमसी शिक्षक संजीव कुमार सुरेश कुमार, अजय कुमार, लेखराज, शीला, आशा कुमारी आदि एसएमसी शिक्षकों ने हर साल सरकार द्वारा शिक्षकों को एक्सटेंशन देने पर आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने  सरकार पर आरोप लगाया की यह भर्ती दुर्गम क्षेत्रों मे शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए की गई थी, परंतु बाद में इसे दूसरे क्षेत्रों के लिए भी लागू किया गया और अब सरकार हर साल इन्हें वोट बैंक के लिए इस्तेमाल कर रही है।  एसएमएसी शिक्षकों ने सवाल किया है कि क्या प्रदेश में सालों से सेवाएं दे रहे एसएमसी शिक्षकों के लिए सरकार कोई नीति नहीं बना सकती। पहले ये भर्तियां बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए एक वर्ष के लिए की गई थीं, लेकिन बाद में हर साल एसएमसी शिक्षकों को एक्सटेंशन दी गई और सरकार की ओर से लंबे समय से कार्यरत एसएमसी शिक्षकों को राहत देने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन अब तक कोई नीति नहीं बनाई गई है।  बता दें कि सरकार ने उस समय यह पक्ष रखा था कि प्रोमोशन और ट्रांसफर के कारण प्रदेश में बहुत से पद रिक्त चल रहे हैं अतः सरकार इतनी जल्दी कर्मचारी चयन बोर्ड से  भर्ती नहीं करवा सकती। अतः यह   भर्ती एक वर्ष के लिए की जा रही है। गौर हो कि पहले भी पूर्व की सरकारों ने नियमों के विरुद्ध शिक्षकों की भर्तियां कीं, जिसका परिणाम शिक्षक आज तक भुगत रहे हैं और उच्चतम न्यायलय में उनके केस विचाराधीन हैं। एसएमसी शिक्षकों में संजीव कुमार, सुरेश कुमार, अजय कुमार, लेखराज, शीला, आशा कुमारी, केवल कृष्ण, यशवंत कुमार, सोहन लाल, दीपक कुमार, बृज लाल, हरि सिंह, मनसा देवी, श्रवण कुमार आदि  ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि सरकार जल्द इन भर्तियों पर अपनी नीति सपष्ट करे नहीं तो मजबूरन उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पडे़गा।

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