गोल्ड कोस्ट में मिला ग्लास्गो से ज्यादा

66 पदकों पर रुका भारत का अभियान, राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

गोल्ड कोस्ट – भारतीय शटलर सायना नेहवाल ने बहुप्रतीक्षित मुकाबले में ओलंपिक रजत विजेता पीवी सिंधू के खिलाफ एक बार फिर अपना दबदबा साबित करते हुए 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के आखिरी दिन रविवार को महिला एकल बैडमिंटन स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया और इसी के साथ वह इन खेलों में दो स्वर्ण अपने नाम करने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी भी बन गईं। सायना के इस जबरदस्त प्रदर्शन के साथ ही भारत ने खेलों के अंतिम दिन सात पदक जीतकर अपने पदकों की ओवरऑल संख्या को 66 पहुंचा दिया। भारत ने 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य सहित कुल 66 पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में अपने इतिहास का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने इन 66 पदकों के साथ राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में 500 पदक भी पूरे कर लिए और यह उपलब्धि हासिल करने वाला वह पांचवां देश बन गया। भारत ने 2014 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की 15 स्वर्ण सहित 64 की कुल पदक संख्या को कहीं पीछे छोड़ दिया। भारत का राष्ट्रमंडल खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अपनी मेजबानी में 2010 दिल्ली में दूसरा स्थान रहा था, जहां उसने 38 स्वर्ण सहित कुल 101 पदक जीते थे। भारत ने 2002 के मैनचेस्टर राष्ट्रमंडल खेलों में 30 स्वर्ण सहित 69 पदक जीते थे और उस समय वह चौथे स्थान पर रहा था। राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत के अब कुल 504 पदक हो गए हैं, जिनमें 181 स्वर्ण, 175 रजत और 148 कांस्य पदक शामिल हैं।

हिमाचलियों का भी दम

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