रौरिक में हैरिटेज-प्रकृति के चित्र

पतलीकूहल —अंतरराष्ट्रीय रौरिक मेमोरियल ट्रस्ट नग्गर में रौरिक समझौता दिवस एवं हिमाचल दिवस के उपलक्ष्य में रूस के महान कलाकार एवं पुराविद् निकोलस रौरिक द्वारा वर्ष 1935 में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए विश्व स्तरीय प्रयासों के लिए रौरिक समझौता प्रस्तुत किया गया था। रौरिक पैक्ट डे व हिमाचल दिवस को मनाने के लिए दिल्ली के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त छायाकार विमल मेहता व उदयपुर राजस्थान के छायाकार दिनेश पगारिया के छायाचित्रों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भारतीय क्यूरेटर रमेश चंद्र व रशियन क्यूरेटर लारिसा सुरगिना के करकमलों द्वारा किया गया। विमल मेहता को छायाचित्र कला के लिए वैल्जियम, कनाडा, हांगकांग, अमरीका व भारत में कई कला सम्मान मिल चुके हैं। विमल महता अंतरराष्ट्रीय स्तर की कला संस्था फोर्म ऑफ  इंडियन फोटोग्राफस फ ीफ ा के अध्यक्ष भी हैं। विमल मेहता व राजस्थान के ख्याति प्राप्त कलाकार दिनेश पगारियों के छायाचित्रों के विषय हैरिटेज, प्रकृति व जनजीवन पर आधारित हैं। इस अवसर पर ट्रस्ट के प्रदर्र्शनी कक्ष में रूस की कलाकार नतालिया जायतसेवा की कला पर आधारित चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन विमल मेहता के कर कमलों द्वारा किया गया। रौरिक पैक्ट डे व हिमाचल दिवस के उपलक्ष्य में रूस के 15 उत्कृष्ट कलाकारों की कला कार्यशाला का भी शुभारंभ किया गया। हैलेना रौरिक कला अकादमी के विद्यार्थी व अध्यापक वर्ग द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यशाला में भाग लेने वाले रूसी कलाकारों को व प्रदर्शनी के अन्य कलाकारों को ट्रस्ट द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश के पर्यटक व कुल्लू घाटी के नागरिकों की भागीदारी रही।

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