वेद धारा ग्लोबल स्कूल धनोट, ज्वालामुखी

मनोरमा रामदास; प्रिंसीपल

वेद धारा ग्लोबल स्कूल, जो कि ज्वालामुखी के धनोट पंचायत में स्थित है, एक उभरता हुआ स्कूल है। जिसने इतने कम समय में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। यह  स्कूल अप्रैल 2017 में प्राइमरी विद्यालय के रूप में स्थापित हुआ। यह एक बहुत बड़ा विद्यालय है, जो कि  80 कनाल भूमि में फैला हुआ है।  स्कूल की इमारत बहुत बड़ी है। स्कूल में अलग से  पुस्तकालय  कम्प्यूटर लैब एवं साइंस लैब्स  हैं । भविष्य में स्विमिंग पूल, डिस्पेंसरी, गर्ल्स, ब्वायज होस्टल बनाने की भी योजना है। वेद धारा ग्लोबल स्कूल में बच्चों के खेलने के लिए इंडोर और आउटडोर दोनों ही सुविधाएं उपलब्ध हैं और  क्रिकेट पिच, टेनिस एवं बास्केटबाल के कोर्ट  की भी तैयारी चल रही है। स्कूल के प्रबंधक निदेशकों में  राजन शर्मा, शैलेंद्र मिश्रा,  रमन शर्मा, संदीप दिओरे, एडवर्ड नोरोन्हा और अजय डोगरा हैं। इनका मुख्य उद्देश्य हिमाचल के बच्चों को  ऐसी शिक्षा उपलब्ध करवाना है,  जिससे बच्चों का संपूर्ण विकास हो और वह पूर्ण रूप से  आत्मनिर्भर बनें। प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त विशेषर दत्त शर्मा जी भी समय-समय पर स्कूल में आकर अन्य अध्यापकों का मार्ग दर्शन करते रहते हैं। स्कूल  प्रधानाचार्या मनोरमा रामदास जी एक मृदुभाषी महिला हंै, जो मूल रूप से केरल से संबंधित हैं। मनोरमा रामदास जी अध्यापन पर कई शोध पत्र प्रस्तुत कर चुकी हैं। वह देश के कई नामी-गिरामी स्कूलों में उच्च पदों पर रहकर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके अलावा  वह इंग्लैंड से संबंधित रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री की ट्रेनर  रह चुकी  हैं। वहीं बिहार और झारखंड में  आईसीएससी तथा आईएससी स्कूलों के क्षेत्रीय संगठन की  अध्यक्ष भी हंै। उनके अनुसार शिक्षा अध्यापक, विद्यार्थी और अभिभावकों के परस्पर समन्वय पर निर्भर करती है। केवल अंक किसी भी छात्र की योग्यता का परिचय नहीं, बल्कि छात्रों का संपूर्ण विकास ज्यादा महत्त्वपूर्ण हैं लिहाजा हमें मिलकर बच्चों की छुपी हुई प्रतिभा को समझ कर उन्हें हर  क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इसके अतिरिक्त विद्यार्थी एवं स्टाफ समय-समय पर भारत स्वच्छता अभियान के तहत विद्यालय परिसर एवं ज्वालामुखी में सफाई कार्यक्रम चलाते रहते हैं और शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बच्चों को बीएसएनएल आफिस और पोस्ट आफिस ले जाया जाता है। विद्यालय में स्मार्ट क्लास रूम हैं, जहां उन्हें एक्टिविटी और नए-नए आइडियास  द्वारा शिक्षा दी जाती है। सभी कक्षाओं में व्हाइट बोर्ड, और एलईडी लगी हैं। गृह कार्य के लिए बच्चों को वर्कशीट दी जाती है। प्रत्येक विषय की शीट सप्ताह में एक बार ही जाती है, जिस कारण बच्चों पर होम वर्क का  ज्यादा बोझ नही पड़ता। सभी  अध्यापकों को  स्कूल की तरफ से अपने लैपटॉप दिए जाते हैं, ताकि अध्यापक आधुनिक शिक्षा और नए-नए तरीकों से बच्चों को ज्ञान देते रहें। स्कूल में म्यूजिक क्लास, योगा क्लास, सेल्फ डिफेंस की कक्षाएं भी चलाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त 2017 में अखिल भारतीय ओलंपियाड की तरफ  से ली गई परीक्षा में स्कूल की छात्रा अनवी जैन द्वारा राज्य में दूसरा व ओलंपियाड में 67वां स्थान प्राप्त कर स्कूल में दी जाने वाली पढ़ाई को सिद्ध कर दिया है। स्कूल प्रबंधन, कुशल व योग्यशाली प्रशासन एवं अनुभवी व कठिन परिश्रमी शिक्षकों की बदौलत स्कूल नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा और स्कूल प्रधानाचार्या  श्रीमती मनोरमा रामदास जी के समर्पण व दिशा निर्देशों में विद्यालय विभिन्न क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

 -शैलेष शर्मा, ज्वालामुखी

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