हिमाचल दिवस पर नामी हस्तियों को सम्मान

राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह पर मुख्यमंत्री ने कई हस्तियों को सम्मानित किया। जिला प्रशासन कुल्लू को सिविल सर्विस अवार्ड प्रदान किया। नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद के. पाल,  एम्स नई दिल्ली के निदेशक डा. रणदीप गुलेरिया,  पुरातात्विक उत्खनन शोधकर्ता डा. ओम चंद हांडा और चिन्मय आर्गेनाइजेशन को प्रेरणा स्रोत सम्मान से नवाजा गया, जबकि मनाली की कुमारी आंचल ठाकुर को हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया…

बेहतरीन काम पर प्रेरणा स्रोत सम्मान

कुल्लू प्रशासन को सिविल सर्विस अवार्ड

शिमला— सिविल सर्विस अवार्ड जिला प्रशासन कुल्लू को प्रदान किया गया। दरअसल जिला प्रशासन कुल्लू द्वारा वर्ष 2017 में पर्यटकों की सुविधा के लिए ‘गो कुल्लू’ परियोजना के तहत एक वेबसाइट तैयार की गई। वेबसाइट में जिला के इतिहास, प्रशासन, भौगोलिक स्थिति, पर्यटन स्थलों, स्थानीय व्यंजन, साहसिक पर्यटन, मंदिरों, मेलों एवं त्यौहारों से संबंधित हर तरह की जानकारियां उपलब्ध करवाई गई है। परियोजना की विशेषता यह है कि यदि कोई ट्रैकर, दूर-दराज क्षेत्रों में खो जाए या किसी भी विपरीत परिस्थिति में फंस जाए तो इस वेबसाइट के माध्यम से जीपीएस की मदद से उसे खोजा जा सकता है।

प्रो. विनोद के. पाल

प्रेरणा स्रोत सम्मान नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद के. पाल को प्रदान किया गया। प्रो. विनोद कांगड़ा जिला से संबंध रखते हैं। शोधार्थी एवं चिकित्सा जगत की जानी मानी हस्ती प्रो. पॉल 1985 से एम्स में शिशु चिकित्सा विभाग में कार्यरत रहे हैं और वर्ष 2008 से विभाग के अध्यक्ष रहे। वर्तमान में वह नीति आयोग का सदस्य हैं। वह शिशु स्वास्थ्य के कार्यक्रम के सह-अध्यक्ष व संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य पर चलाए जा रहे सहस्त्राब्दी प्रोजेक्ट के विशेष कार्यबल के सदस्य हैं।

डा. रणदीप गुलेरिया

डा. रणदीप गुलेरिया निदेशक एम्स नई दिल्ली को भी प्रेरणा स्रोत सम्मान दिया गया। डा. रणदीप कांगड़ा से हैं।  एम्स में भारत के प्रथम पलमोनरी मेडिसिन एवं निद्रा विकार विभाग को स्थापित करने का श्रेय डा. रणदीप गुलेरिया को ही जाता है। वह विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा रोग प्रतिरोधक एवं एंफ्लुएंजा की रोकथाम पर चलाए जा रहे कार्यक्रम के विशेषज्ञ वैज्ञानिक सलाहकार संगठन के सदस्य हैं।

डा. ओम चंद हांडा

डा. ओम चंद हांडा निवासी संजौली को भी प्रेरणा स्रोत सम्मान से नवाजा गया। डा. ओम चंद हांडा पुरातात्विक उत्खनन के क्षेत्र में एक जाना माना नाम हैं। इनका जन्म दो अक्तूबर, 1936 को मंडी में हुआ। इन्होंने अपना पूरा जीवन इतिहास, कला और संस्कृति से संबद्ध छानबीन, खोज, शोध एवं लेखन में व्यतीत किया। तीन दर्जन शोधपूर्ण पुस्तकों के रचयिता डा. हांडा वर्ष 1990 से 1992 और 2002 से 2004 तक इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च के फैलो तथा अन्य अनेक पदों पर रहे हैं।

चिन्मय आर्गेनाइजेशन

चिन्मय आर्गेनाइजेशन फॉर रूरल डिवेलपमेंट सिद्धबाड़ी धर्मशाला को भी प्रेरणा स्रोत सम्मान और 2.50 लाख की नकद राशि प्रदान की गई। चिन्मय ग्रामीण विकास संगठन यानी कार्ड संस्था गत 33 वर्षों से ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्य कर रही है। इसका कार्यक्षेत्र देश के लगभग एक हजार गांवों में फैला हुआ है, जिसमें हिमाचल प्रदेश में जिला कांगड़ा व चंबा के 700 गांव, ओडिशा, तमिलनाडु, पंजाब, उत्तराखंड और आंध्रप्र देश के 300 गांव शामिल हैं। इस संस्था ने विस्तृत बहुमुखी विकास का पंचायत स्तरीय मॉडल तैयार कर इसे कार्यान्वित किया।

कुमारी आंचल ठाकुर को हिमाचल गौरव

मनाली की कुमारी आंचल ठाकुर को हिमाचल गौरव पुरस्कार के तौर पर 21 हजार रुपए और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। आंचल का जन्म 28 अगस्त ,1996 को मनाली के बुरूआ गांव में हुआ। आंचल ने वर्ष 2017 में तुर्की में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग प्रतिस्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। आंचल ठाकुर स्कीइंग प्रतिस्पर्धा में किसी भी प्रकार का अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाली देश की प्रथम खिलाड़ी हैं। इससे पूर्व भी आंचल कई देशों में स्कीइंग प्रतिस्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। आंचल ठाकुर, वर्तमान में कोरिया के प्यांग चांग में आयोजित होने वाली शीतकालीन ओलंपिक प्रतिस्पर्धा 2018 की तैयारी के लिए यूरोप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

विकास ठाकुर की उपलब्धि पर गर्व

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हमीरपुर जिला से संबंधित विकास ठाकुर को राष्ट्रमंडल खेलों में वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास ठाकुर की यह सराहनीय उपलब्धि है और प्रदेश के लोगों को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व है। उन्होंने कहा कि श्री ठाकुर से युवा जीवन में कठिन परिश्रम करने की प्रेरणा लेंगे।

कर्मचारियों का जिक्र, पर घोषणा नहीं

हिमाचल दिवस के राज्य स्तरीय समारोह पर मुख्यमंत्री द्वारा कोई नई घोषणा नहीं की गई। कर्मचारी उम्मीद लगा रहे थे कि सरकार द्वारा दो फीसदी डीए किश्त का ऐलान करेगी। केंद्र सरकार द्वारा भी अपने कर्मियों को इसका ऐलान किया जा चुका है। ऐसे में हिमाचल में भी कर्मचारी इसकी उम्मीद कर रहे थे। इनके अलावा अनुबंध कर्मी और आउटसोर्स कर्मी भी उनके लिए घोषणा करने की आस लगाए बैठे थे। हालांकि इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य के कर्मचारियों का जिक्र जरूर किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में राज्य के कर्मचारियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों तथा पेंशनरों को अंतरिम राहत तथा महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने पर 960 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

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