अवैध खनन पर अब सीधे गिरफ्तारी

शिमला— हिमाचल प्रदेश में अब अवैध खनन करने वालों की खैर नहीं है। पुलिस अब इनसे सख्ती से निपटेगी। डीजीपी एसआर मरड़ी ने कहा कि अवैध खनन करने वालों पर पीडीपी एक्ट यानी प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट के तहत मामले दर्ज किए जाएंगे। अभी तक इनके चालान किए जाते रहे हैं, लेकिन अब पीडीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद अवैध खनन के काम में लगे वाहन जब्त करने के साथ-साथ आरोपियों की गिरफ्तारी भी होगी। डीजीपी ने बुधवार को साउथ रेंज के पुलिस अधिकारियों की बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। डीजीपी ने कहा कि पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज करने वालों को अब इनके बारे में हर अपडेट मिलेगी। इसके इसके लिए व्हाट्सऐप ग्रुप थाना स्तर पर बनाए जाएंगे। इसमें एफआईआर की हर स्टेज की जांच, केस का चालान दायर होने और इनकी अदालत में सुनवाई और फैसले तक की सभी अपडेट दिए जाएंगे। डीजीपी ने कहा कि राज्य में नाइट पैट्रोलिंग को और पुख्ता किया जाएगा। वहीं, इसके लिए सभी थानों में अलग से व्हाट्सग्रुप बनाए जाएंगे। इस ग्रुप में नाइट पैट्रोलिंग की ड्यूटी करने वाले जवानों और संबंधित थानों के अधिकारी शामिल होंगे। इस तरह इस ग्रुप में नाइट पैट्रोलिंग की जानकारी अपडेट करनी होगी। उन्होंने कहा कि जमानत की कंडीशन का उल्लंघन करने वालों की अब जमानतें रद्द करवाई जाएंगी। प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर डीजीपी ने कहा कि दर्ज रेप के मामलों की बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन इस साल पिछले 33 मामले रिपोर्ट हुए हैं। इससे यह लग रहा है कि राज्य में रेप के मामले बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आसानी से एफआईआर दर्ज हो रही है। इससे भी केसों में इजाफा हुआ है। स्कूलों में बच्चियों के साथ छेड़छाड़ के मामले सामने आने पर डीजीपी ने कहा कि पुलिस ऐसे मामलों पर त्वरित कार्रवाई कर रही है। अब पोक्सो एक्ट के तहत भी संशोधन किया गया है, इसमें कड़े प्रावधान किए गए हैं। कोटखाई जैसे प्रकरण से पुलिस के प्रति आम लोगों का भरोसा कम होने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि जनता के भरोसे को बहाल करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। इससे स्थिति में अब सुधार हो रहा है। डीजीपी एसआर मरडी ने दक्षिणी रेंज के थाना प्रभारियों, जांच अधिकारियो, डीएसपी और पुलिस अधीक्षकों के साथ एक बैठक पुलिस मुख्यालय में आयोजित की। यह पहली दफा है कि डीडीपी स्तर के अधिकारियों सीधे थाना प्रभारियों के साथ संवाद किया है। दक्षिणी रेंज के थाना प्रभारियों और अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद केंद्रीय रेंज मंडी और उतरी रेंज धर्मशाला में भी इसी तरह की बैठकों का आयोजन किया जाएगा।

महिला अपराधों पर त्वरित की जा रही कार्रवाई

डीजीपी ने कहा है कि राज्य पुलिस महिला अपराधों की रोकथाम को लेकर बेहद गंभीर है। सरकार के आदेश के बाद इसके लिए राज्य में गुडि़या हेल्पलाइन जारी की गई है, जिसमें आने वाली शिकायतों पर 48 घंटे के भीतर संबंधित रेंजों के आईजी और डीआईजी द्वारा ऐक्शन टेकन रिपोर्ट यानी एटीआर ली जा रही है। इस हेल्पलाइन पर करीब 600 शिकायतें आ चुकी हैं, जिनमें से अधिकांश का निपटारा कर लिया गया है। इसके अलावा पुलिस एसएमएस के माध्यम से आने वाली शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई कर रही है।

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