चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में हिमाचली छात्रों का डंका

धर्मशाला में वीसी डा. बावा ने गिनाई उपलब्धियां, चार करियर काउंसिलिंग सेंटर खोले

धर्मशाला— हिमाचल प्रदेश के छात्रों ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में सत्र 2017-18 के दौरान अकादमिक, प्लेसमेंट व रिसर्च क्षेत्रों में दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वायस चांसलर डा. आरएस बावा ने बुधवार को धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हिमाचल के युवा उभरते हुए क्षेत्रों में नई करियर संभावनाओं के बारे में जागरूक है, तो उनका सही मार्ग दर्शन करने के मकसद से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने प्रदेश में निःशुल्क करियर काउंसलिंग की शुरुआत करने का फैसला किया है, जिसके अंतर्गत दसवीं, जमा दो और ग्रेजुएशन के बाद छात्र अलग-अलग क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं से अवगत कराया जा सके। इसके लिए पालमपुर, शिमला, मंडी, तथा हमीरपुर में यूनिवर्सिटी के क्षेत्रीय कार्यालय खोले गए है, जहां साल भर करियर के माहिर विद्यार्थिओं को निःशुल्क करियर काउंसिलिंग प्रदान करेंगे। डा. बावा ने प्रदेश के विद्यार्थियों की अकादमिक और रिसर्च में प्राप्त उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस समय प्रदेश से 2600 और कांगड़ा व आसपास के क्षेत्रों से 800 से अधिक विद्यार्थी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं, जिन की मैरिट और कैंपस प्लेसमेंट में कारगुजारी प्रशंसनीय है। उन्होंने बताया कि प्लेसमेंट सेशन 2018 में प्रदेश के सैकड़ों विद्यार्थियों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरियां प्राप्त हुई। उन्होंने धर्मशाला से सबंधित यूनिवर्सिटी की इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की छात्रा सुनीता की उदाहरण देते हुए कहा कि उक्त छात्रा को प्रमुख बहु-राष्ट्रीय कंपनियां ह्यूलैट पैकार्ड, विप्रो व कॉग्नीजेंट ने नौकरी की पेशकश की है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थिओं की रिसर्च के क्षेत्र में प्राप्त की गई उपलब्धियों के बारे में डा. बावा ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा दमा तथा डाइबटीज की दवाइयों के खर्च को कम करने के लिए की गई खोज के लिए रिसर्च ग्रुप बनाया गया, जिसमें हिमाचल की छात्रा शिखा ठाकुर (एमएससी बायोटेक) व चेतन हांडा (एमएससी बायोटेक) ने भाग लेकर इस खोज को सफल बनाकर हिमाचल प्रदेश का नाम देश भर में रोशन किया है। यूनिवर्सिटी उप कुलपति नें बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने राज्य के प्रगतिशील विद्यार्थियों को बेहतर उच्च शिक्षा मुहैया करवाने के उद्देश्य के साथ 2018 में राष्ट्रीय स्कॉलरशिप परीक्षा सीयू सेट के अंतर्गत 800 मैरीटोरियस विद्यार्थियों को 900 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप देने का फैसला किया है। वीसी डा. बावा ने बुधवार को धर्मशाला में इस सबंधित ऑनलाइन पोर्टल जारी करते हुए उन्होंने बताया कि इस स्कॉलरशिप टेस्ट के लिए प्रमुख राज्यों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।

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