भागमभाग…

वे सात किरदार, जिन्होंने येदियुरप्पा के चेहरे से पलभर में छीनी खुशियां

1. गुलाम नबी आजाद 2. अशोक गहलोत, 3. सोनिया गांधी 4. एचडी कुमारस्वामी 5. सिद्धारमैया 6. मल्लिकार्जुन खड़गे 7. एचडी देवगौड़ा

बंगलूर— कर्नाटक की जनता ने किसी भी पार्टी को विधानसभा चुनाव में बहुमत नहीं दिया है। आने वाले कुछ दिनों में कर्नाटक की राजनीति में एक से बढ़कर एक समीकरण देखने को मिलेंगे। शुरुआती रुझानों से लग रहा था कि बीजेपी राज्य में सरकार बना लेगी, लेकिन बहुमत से कुछ सीटें दूर रहने के कारण वह सत्ता के सिंहासन तक नहीं पहुंच सकी। वहीं दूसरी ओर सत्ता से बाहर हुए कांग्रेस किसी भी हालत में बीजेपी के हाथों में सत्ता नहीं जाने देना चाह रही थी। इसलिए कांग्रेस के रणनीतिकारों ने तीसरे नंबर की पार्टी जेडीएस को बिना शर्त मुख्यमंत्री का पद ऑफर कर दिया, जिसके चलते येदियुरप्पा के सीएम बनने का सपना तहस-नहस हो गया। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें वे सात नेता हैं, जिन्होंने येदियुरप्पा के चेहरे से पल भर में खुशियां छीन लीं। इनमें राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत, सोनिया गांधी, जेडीएस प्रमुख एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा शामिल हैं।

आजाद ने हार देख सोनिया से की बात

राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के शीर्ष नेता गुलाम नबीं आजाद चुनाव परिणाम आने से पहले ही बंगलूर में डेरा डाले हुए थे। वह मंगलवार सुबह से ही चुनाव परिणामों पर नजर बनाए हुए थे, जब गुलाम नबीं आजाद को लगा कि कांग्रेस सरकार नहीं बना सकती है। तो उन्होंने तत्परता दिखाते हुए सोनिया गांधी से बात की। हालांकि राहुल गांधी ने ऐसी स्थिति में फैसले लेने के अधिकार आजाद को दिए थे। सोनिया गांधी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एचडी देवगौड़ा से बात की, जिसके बाद राज्य की राजनीति का परिदृश्य ही बदल गया।

अशोक गहलोत नबी को दे रहे थे सुझाव

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत काफी समय से कर्नाटक में मौजूद हैं। वह लगातार पार्टी को राज्य स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। पार्टी में नंबर दो का दर्जे रखने वाले गहलोत गुलाम नबी को अपने सुझाव दे रहे थे। दरअसल कांग्रेस ने रणनीति बनाई थी अगर हम सत्ता से बाहर होते हैं तो बीजेपी को सत्ता में नहीं आने देंगे। इस रणनीति को साकार करने के लिए गहलोत किसी भी तरह की कसर छोड़ना नहीं चाह रहे थे, जिसमें वह सफल भी रहे।

सोनिया गांधी ने देवगौड़ा को फोन से दिया ऑफर

कर्नाटक में बीजेपी हाथों से सत्ता छीनने में सबसे बड़ा हाथ सोनिया गांधी का रहा है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी सर्वमान्य नेता है। सीनियर नेता होने के कारण सभी दलों में उनकी बहुत इज्जत है। गुलाम नबीं के फोन कॉल के बाद सोनिया गांधी ने जेडीएस संरक्षक एचडी देवगौड़ा को फोन किया औऱ उन्होंने उन्हें प्रस्ताव दिया। जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।

देवगौड़ा ने झट माना प्रस्ताव

जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा और उनके बेटे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी किंग बनने के खेल में माहिर हैं। जेडीएस संरक्षक एचडी देवगौड़ा और सोनिया गांधी के बीच संबंध काफी अच्छे माने जाते हैं। इसके साथ ही विचारधारा के मामले में दोनों पार्टियां एक दूसरे के काफी नजदीक मानी जाती है, जिसका सीधा फायदा जेडीएस को मिला। सोनिया गांधी ने जब एचडी देवगौड़ा को फोन किया और उन्हें सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया तो वह झट से तैयार हो गए।

कुमारस्वामी किंगमेकर से बनेंगे किंग

जेडीएस प्रमुख एचडी कुमारस्वामी को चुनावों से पहले एक किंगमेकर की भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन अब खुद किंग बनने वाले हैं। कुमारस्वामी ने चुनाव प्रचार के दौरान गठबंधन की संभावनाओं से इनकार नहीं किया था, जिसका सीधा फायदा उन्हें सीएम की कुर्सी के तौर मिला।

सिद्धारमैया ने कही थी समर्थन देने की बात

सिद्धारमैया काफी कुशल राजनीतिज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने परिणाम आने से पहले घोषणा कर दी थी कि अगर कोई दलित सीएम बनाया जाता है तो वह अपना पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। सिद्धारमैया ने कहा था कि हम जेडीएस को समर्थन देंगे, वे सरकार बना सकते हैं।

आजाद को लगातार सलाह देते रहे खड़गे

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस पूरे घटनाक्रम की वह कड़ी हैं, जिसने सभी कडि़यों को आपस में जोड़कर रखा। खड़गे परिणामों पर लगातार नजर बनाए हुए थे। वह लगातार गुलाम नबी आजाद को अपनी सलाह दे रहे थे, जिसके चलते गुलाम नबीं तत्काल सही फैसले लेने में सफल रहे।

जब तक लहू है, मैं राहुल गांधी के साथ

कर्नाटक में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन पर पूर्व क्रिकेटर और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का बचाव किया है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी अध्यक्ष के प्रति अपनी निष्ठा भी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि राहुल भाई उभरते हुए नेता हैं। 2019 एक अलग बॉल गेम होगा। उनके साथ गठबंधन हो रहे हैं। सिद्धू ने कहा कि सिद्धू उनके (राहुल गांधी) साथ खड़ा रहेगा, जब तक मेरे अंदर लहू हैं। उन्होंने कहा कि मैंने राहुल गांधी और सोनिया गांधी को संदेश भेजा है कि मेरा जीवन उनके लिए है।

नतीजों से सीखें धर्मनिरपेक्ष दल

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने कहा है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा को हराने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों में आपसी एकता बहुत जरूरी है। पार्टी के महासचिव सुधाकर रेड्डी ने कर्नाटक  चुनाव के नतीजों के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उनकी पार्टी बहुत पहले से ही कहती रही है कि धर्मनिरपेक्ष दलों के बीच एकता जरूरी है और कर्नाटक के नतीजों से यह एक बार फिर प्रमाणित हो गया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जातीय ध्रुवीकरण के कारण ही भाजपा उभरी है और  चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी बनी है लेकिन राज्य में चुनाव में काफी धन भी बहाया गया है और चुनाव अब छलावा बन कर रह गया है। भाजपा सरकार बनाने के लिए विधायकों की खरीद फरोख्त करने से बाज नहीं आएगी और हर रणनीति और तिकड़म अपनाएगी। अगर सभी धर्मनिरपेक्ष दल साथ होते तो चुनाव के नतीजें अलग होते।

देश कांग्रेस मुक्त भारत की ओर

लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख एवं केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत पर कहा कि देश ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ की ओर बढ़ रहा है। श्री पासवान ने कहा कि कर्नाटक में लोगों ने भाजपा को जनादेश दिया है और सत्तारुढ़ कांग्रेस को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 40 सीटें मिली थीं। भाजपा के अध्यक्ष ने कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया था जो अब सही साबित हो रहा है। पंजाब के अलावा पुड्डुचेरी और मिजोरम में ही गैर भाजपा सरकार है। कर्नाटक में कांग्रेस का सीट घटना ही उसकी पराजय है।

जनता विरोधी नीतियों के कारण नकारा

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि कांग्रेस की विकास विरोधी और जनता विरोधी नीतियों के कारण लोगों ने कर्नाटक विधानसभा के चुनाव में पूरी तरह से नकार दिया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को कर्नाटक में पार्टी की शानदार जीत के लिए बधाई देते हुए कहा कि भाजपा कर्नाटक चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उन्होंने इस जीत का श्रेय भाजपा की विकासोन्मुख नीतियों को देते हुए कहा कि देश के 125 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में अटूट विश्वास है।

भाजपा को जीत के लिए दिल से बधाई

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े एकल दल के रूप में उभरने पर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) को बधाई दी। सुश्री महबूबा ने माइक्रो-ब्लॉगिंग ट््विटर पर लिखा कि कर्नाटक में बेहतरीन उपलब्धि के लिए भाजपा को दिल से बधाई।

नतीजे मोदी के विकास कार्यों की जीत

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनने पर भाजपा ने मंगलवार को कहा कि यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए विकासात्मक कार्यों की जीत है, जिन्हें जनता ने समर्थन दिया। पार्टी ने कहा कि नतीजे कांग्रेस की विभाजनकारी और नकारात्मक राजनीति की हार है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कर्नाटक के नतीजे प्रधानमंत्री के नेतृत्व के प्रति जनता के स्नेह और उनके कार्यों के लिए जनता के समर्थन के परिचायक हैं। आज का दिन कर्नाटक की जनता के प्रति हमारी कृतज्ञता का दिन है।

भाजपा के लिए ऐतिहासिक दिन

केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने कहा कि भाजपा के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। कर्नाटक में भाजपा की जीत प्रधानमंत्री के प्रति लोगों के विश्वास का प्रतीक है, जिन्होंने सबका साथ, सबका विकास की भावना को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान हमारे समक्ष कई तरह की बाधाएं आईं, लेकिन कर्नाटक की जनता के विश्वास और सहयोग से पार्टी ने इन्हें दूर कर दिया।

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