विजिलेंस को सौंपी चार्जशीट की जांच

भाजपा ने दायर किया था पूर्व सरकार के खिलाफ आरोपपत्र

शिमला— प्रदेश में पूर्व सरकार के समय में हुई तथाकथित धांधलियों की विजिलेंस जांच करेगी। राज्य सरकार ने विजिलेंस को पूर्व सरकार के खिलाफ चार्जशीट सौंप दी है। कुल 75 पेज की इस चार्जशीट में 40 नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इनके अलावा पूर्व सराकर के समय में रहे एक अफसर पर भी चार्जशीट में भ्रष्टाचार के आरोप हैं। ऐसे में अब विजिलेंस इस चार्जशीट को खंगालेगी। गृह विभाग की ओर से यह चार्जशीट राज्य की जांच एजेंसी को दी गई है। बताया जा रहा है कि इससे पहले सरकार ने इस चार्जशीट पर मंथन किया है और विभिन्न विभागों से इस पर रिपोर्ट मांगी थी। विभागों से मिली रिपोर्ट के बाद अब सरकार ने इस चार्जशीट को जांच के लिए विजिलेंस को सौपा है। इस चार्जशीट को लेकर विजिलेंस में भी मंथन शुरू हो गया है। जानकारों के अनुसार कुछ रोज पहले विजिलेंस की त्रैमासिक बैठक में भी इस चार्जशीट को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा हुई है। इस बैठक में उच्च अधिकारियों की ओर से चार्जशीट के विभिन्न आरोपों की जांच को लेकर भी रणनीति तय की है। ऐसे में चार्जशीट के कुछ अहम केसों को लेकर विजिलेंस विशेष जांच दल गठित करने जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि इसके लिए विजिलेंस में एसपी और अन्य अधिकारियों के के खाली पदों को भरने का आग्रह सरकार से किया गया है। चार्जशीट में लगाए गए आरोपों की आरंभिक जांच करवाई जाएगी और इस जांच के बाद रेगुलर केस दर्ज के जाएंगे। इस चार्जशीट में पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, बेटे विक्त्रमादित्य सिंह, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के अलावा 10 मंत्रियों, छह  सीपीएस और 10 बोर्ड-निगम-बैंकों के पूर्व अध्यक्ष-उपाध्यक्षों पर आरोप लगाए गए हैं।

भाजपा के कांग्रेस पर मुख्य आरोप

* लाहुल-स्पीति की मायार घाटी में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए बिना एन्वायरनमेंट क्लीयरेंस के 25.69 करोड़ रुपए लिए

* ब्रेकल पर 1800 करोड़ का जुर्माना माफ किया गया और 200 करोड़ रुपए की अपफ्रंट मनी जब्त करने की बजाय लौटा दी

* पीडब्ल्यूडी में टेंडर घोटाला, सड़क निर्माण के रखरखाव में घोटाले

* शिक्षा विभाग में फर्नीचर व अन्य खरीद में धांधली

* पेयजल योजनाओं के लिए पाइपों की खरीद और टैकों की सफाई के नाम पर अनियमितताएं

* शिमला में सौंदर्यीकरण के नाम पर अनियमितताएं

* स्वास्थ्य विभाग ने निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए आईजीएमसी व टांडा में सरकारी मशीनें होने के बावजूद टेस्ट का काम निजी कंपनी को सौंपा

* इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन गैस सिलेंडर सप्लाई करने में अनियमितताएं

* परिहवन निगम द्वारा बसों के खरीद में घोटाला, टायर घोटाला

* वैट लीज पर अपने चहेतों से वोल्वो और अन्य बसों की सेवा लेना

* एचआरटीसी के अपने 26 पंप होने के बावजूद निजी पेट्रोल पंपों से डीजल भराना, बस अड्डों के निर्माण में अनियमितताएं

* खाद्य आपूर्त निगम के तहत दालों और चीनी महंगे दाम पर खरीदना

* पशुपालन विभाग में ब्लैक लिस्ट कंपनियों से दवाओं की खरीद

* स्कूल वर्दी खरीद में घोटाला

* कृषि विभाग में बीज आबंटन घोटाला, विपणन बोर्ड में भ्रष्टाचार

* वन माफिया को संरक्षण व अनियमितताएं

* मत्स्य विभाग में तालाब बनाने में घोटाला

* हिमाचल में बिवरेज कारपोरेशन बनाकर शराब आबंटन में घोटाला

* हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक में भर्तियों में घोटाला, केसीसी बैंक में अनियमतिताएं

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