हम नहीं देंगे डीएलएड एग्जाम

सी एंड वी शिक्षक बोले, कोर्स करने के लिए छुट्टियां नहीं

मंडी— राजकीय सी एंड वी अध्यापक संघ ने शिक्षा विभाग पर शिक्षकों को उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि एक तरफ  शिक्षा विभाग शिक्षकों अप्रशिक्षित करार कर डीएलएड करने के लिए दबाव बना रहा है तथा दूसरी ओर शिक्षा विभाग द्वारा छुट्टियों का प्रावधान न करने पर स्कूल मुखिया उन्हे (ईओएल) बिना वेतन स्कूल में अनुपस्थिति लगा रहे हैं। 2010 के बाद नियुक्त सी एंड वी अध्यापक मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने 15 दिन की पीसीपी (व्यक्तिगत संपर्क कार्यक्रम) किया।  तो स्कूलों में शिक्षकों के पास छुट्टियां न होने के कारण 15 दिन की अनुपस्थिति स्कूल मुखिया लगा रहे हैं तथा इससे उनकी सर्विस ब्रेक होने के साथ वेतन भी कटेगा। अगर शिक्षा विभाग ने छुट्टियों का कोई प्रावधान नहीं किया, तो शिक्षक डीएलएड कोर्स का बहिष्कार करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी। चमन लाल शर्मा ने कहा कि छुट्टियां केवल पीसीपी की ही नहीं, बल्कि परीक्षा के लिए छुट्टियों की भी एक साथ अधिसूचना जारी करें। जब सी एंड वी शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, तब उसमें आर एंड पी रूल्ज में डीएलएड करने का कोई उल्लेख नहीं था। अब शिक्षकों को क्यों परेशान किया जा रहा है। छठी से आठवीं कक्षा तक बीएड करने का प्रावधान होना चाहिए, न कि डीएलएड। संघ के महासचिव राकेश संदल, कोषाध्यक्ष एचएस मस्ताना, प्रेस सचिव मंगल सिंह गुलेरिया तथा अध्यक्ष चतर सिह सूर्यवंशी ने कहा कि अगर विभाग छुट्टियों की अधिसूचना जारी नहीं करता है, तो शिक्षक पीवीपी को अधूरी छोड़ परीक्षा का भी बहिष्कार करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।

37 दिन का अवकाश दो

सी एंड वी अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा कि अब 12 दिन का प्रयोगात्मक आधारित कार्यक्रम होगा तथा दस दिन परीक्षा के लिए लगेंगे। कुल मिलाकर एक वर्ष में 37 दिन का अवकाश चाहिए, लेकिन शिक्षकों को केवल 12 दिन का अवकाश ही मिलता है, जबकि पैट को डीएलएड के लिए पहले ही अवकाश दे दिया गया है, फिर सी एंड वी अध्यापकों से यह भेदभाव क्यों।

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