ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया फेल

ऊना —प्रदेश के एकमात्र ऑनलाइन कालेज ऊना में ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया फेल हो गई है। यहां पर ऑनलाइन एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों को इसका भरपूर लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया अपनाने के बाद भी स्टूडेंट्स को बैंक के साथ ही साइबर कैफे के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि इससे पहले कालेज प्रशासन की ओर से ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, जबकि यह सभी दावे वर्तमान में खोखले ही साबित हो रहे हैं।  शुक्रवार को पीजी कालेज ऊना में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया के तहत आ रही समस्याओं के समाधान को लेकर प्राचार्य का घेराव किया। इस दौरान परिषद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी भी की। हालांकि लंबे समय तक कालेज प्रशासन और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई भी स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। केवल मात्र परिषद को आश्वासन ही मिला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला प्रभारी अरुण वर्मा, कैंपस उपाध्यक्ष विनय ने कहा कि कालेज प्रशासन की ओर से एडमिशन के लिए अपनाई गई ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते स्टूडेंट्स को समस्या झेलनी पड़ रही है, लेकिन कालेज प्रशासन स्टूडेंट्स की इन समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया के तहत अभी भी स्टूडेंट्स को बैंकों और साइबर कैफे के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। एक स्टूडेंट्स को अपना फार्म भरने के लिए 150 रुपए की अदायगी करनी पड़ रही है। इससे स्टूडेंट्स को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कालेज में दाखिला लेने वाले सभी विद्यार्थियों के पास एंड्रायड फोन नहीं हैं। अभी भी ऐसे स्टूडेंट्स हैं,जिनके पास इस तरह के फोन की सुविधा नहीं है। इसके चलते उन्हें समस्या झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कालेज प्रशासन द्वारा कालेज में हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है, लेकिन उसका भी स्टूडेंट्स को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। हेल्प डेस्क के पास जाने के बजाय स्टूडेंट्स छात्र संगठनों के पास पहुंच रहे हैं। उनके पास ऐसे फार्म के ढेर लगे हुए हैं, लेकिन इन पर कोई गौर नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि यहां तक यदि कोई स्टूडेंट्स ऑनलाइन एडमिशन कर रहा है, तो उसे सुबह के समय करीब  दस बजे काउंसिलिंग के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन यदि किसी स्टूडेंट्स ने ऑनलाइन आवेदन जिला से बाहर या फिर राज्य के बाहर से किया है, तो ऐसे उस आवेदनकर्ता को सुबह के समय पहुंचना किसी समस्या से कम नहीं है। इस दौरान आकाश, साहिल, शिवम, योगेश, कार्तिक, अमित, अविनाश, चंदन सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।  उधर, इस बारे में कालेज प्राचार्य त्रिलोक चंद ने कहा कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं। वे निराधार हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को साइबर कैफे में जाने की आवश्यकता नहीं है। कालेज प्रशासन द्वारा कालेज में ही हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है, ताकि स्टूडेंट्स को किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़े।

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