टेक्निकल यूनिवर्सिटी के लिए बनेगा मास्टर प्लान

हमीरपुर— टेक्निकल यूनिविर्सिटी से एफिलिएटिड प्राइवेट इंजीनियरिंग कालेज टीयू के लिए बड़ा चैलेंज हैं, क्योंकि मार्केट में इनकी डिमांड तो बढ़ रही है, पर यह क्वालिटी एजुकेशन नहीं मिल पा रही। यही कारण है कि आज कई कालेज और यूनिवर्सिटी खाली पड़ी हैं। आलम यह है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बावजूद बच्चे इंजीनियर नहीं बन पाते। यह कहना है हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी के नए वीसी प्रो. एसपी बंसल का। मंगलवार को पदभार ग्रहण करने के बाद प्रो. बंसल ने कहा कि इस चैलेंज से निपटने के लिए टीयू विजन डाक्यूमेंट तैयार करेगा। एक मास्टर प्लान बनाया जाएगा। हमने एक कमेटी गठित की है, जो टीयू से एफिलिएटिड सभी प्राइवेट इंजीनियरिंग कालेज और यूनिवर्सिटी का विजिट करेगी और 15 दिन के भीतर उनसे रिपोर्ट ली जाएगी। उसके बाद वहां बेस्ट प्रैक्टिस शुरू की जाएगी। सभी प्रिंसीपल की मीटिंग बुलाएंगे और क्वालिटी मेंटेन करने के लिए बात की जाएगी। अगर कोई फिर भी क्वालिटी की ओर ध्यान नहीं देता है, तो ऐसे कालेज बंद भी किए जा सकते हैं। विवि का विजन डाक्यूमेंट तैयार किया जाएगा। इसके लिए देश भर के अन्य तकनीकी विश्वविद्यालयों के उत्कृष्ट मॉडल का अध्ययन भी किया जाएगा। प्रो. बंसल ने कहा कि तकनीकी विवि को ग्लोबल यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने के लिए भी प्लान तैयार किया जाएगा।

गोद लिए जाएंगे गांव

प्रो. बंसल ने कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालय के माध्यम से स्किल डिवेलपमेंट सेंटर विकसित करने पर भी विशेष बल दिया जाएगा। तकनीकी विश्वविद्यालय कुछ गांवों को भी गोद लेगा और इन गांवों के विकास के लिए तकनीकी तौर पर मदद मुहैया करवाई जाएगी। तकनीकी विश्वविद्यालय के माध्यम से विद्यार्थियों की प्लेसमेंट के लिए भी उपयुक्त कदम उठाए जाएंगे।

एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक अक्तूबर तक

नवनियुक्त वीसी प्रो. बंसल ने कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन अक्तूबर तक तैयार हो जाएगा। तकनीकी विश्वविद्यालय को 150 एकड़ जमीन अबंटित की गई है। इस जमीन की फोरेस्ट क्लीयरेंस के बाद अन्य ब्लॉक भी निर्मित किए जाएंगे।

राज्यपाल-सीएम ने किया प्रोत्साहित

प्रो. बंसल ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी टीयू को लेकर मुलाकात की है। वे इसे बहुत आगे ले जाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि आप टीयू को आगे ले जाने के लिए जो हो सकता है,करें। ग्रांट से संबंधित कोई कमी नहीं आएगी।

200 करोड़ रुपए ग्रांट की जरूरत

लोन के पैसों से चलाई जा रही टेक्निकल यूनिविर्सिटी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में वीसी प्रो. बंसल ने कहा कि अगर किसी यूनिवर्सिटी को सही तरीके से चलाना है, तो कम से कम 200 करोड़ रुपए की ग्रांट चाहिए, जिसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर आधुनिक इक्यूपमेंट्स से फुलफिल लैब  होनी चाहिए। बेहतर एकेडमिक ब्लॉक होना चाहिए।

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