परवाणू में ट्रांसपोर्ट यूनियनों में चले डंडे

सोलन — परवाणू में ट्रांसपोर्ट यूनियनों पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद ने बुधवार को हिंसात्मक रूप ले लिया। दो दिन तक विवाद शांतिपूर्वक चलने के बाद तीसरे दिन दोनों गुट मारपीट पर उतर आए। हालांकि इस बात की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी। तीन दिन से मौके पर तैनात पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। घटना की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस की ओर से मामले की छानबीन की जा रही है। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात दोनों पक्षों में सुलह हो गई थी। यह सुलह परवाणू उद्योग संघ के साथ बैठक के बाद हुई। इस बैठक में ट्रक यूनियन, केंटर यूनियन व पिकअप यूनियन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में उद्योगों को हो रहे नुकसान को देखते हुए हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया। बुधवार को दोपहर बाद जैसे ही गब्रियल रोड स्थित ट्रक यूनियन और केंटर की सयुंक्त मांग पर 150 गाडि़यों को सड़कों पर उतारने के लिए कार्रवाई जारी थी, तो ठीक उसी समय टकसाल रेलवे फाटक के पास यूनियन के दफ्तर पर कब्जाधारियों ने ट्रकों के शीशे तोड़े व ट्रक चालकों के साथ मारपीट भी की। इस घटना में घायल ट्रक चालकों का ईएसआई में प्राथमिक उपचार किया गया। घटना के बाद यूनियन प्रधान हरदीप सिंह बावा अपने समर्थकों सहित मौके पर पहुंचे। इसके बाद कुछ लोगों ने गाड़ी में सवार लोगों पर डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। इससे कुछ लोगों को हल्की चोटें भी आईं। खबर लिखे जाने तक परवाणू में तनाव की स्थिति बनी हुई थी और पुलिस प्रशासन दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश कर रहा था। उधर, इस घटना से एक बार उद्योगों में फंसे तैयार माल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सहायक आयुक्त परवाणु एसपी जस्वाल व डीएसपी परवाणू ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया। उन्होंने दोनों पक्षों से मसला सुलझाने को कहा।

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