रूसा बदलाव में लगेगा महीना

एचपीयू प्रशासन ने शिक्षा मंत्री से मांगा वक्त, 15 जुलाई तक पूरी करनी होगी प्रवेश प्रक्रिया

शिमला— प्रदेश के कालेजों में इस सत्र 2018-19 में रूसा में वार्षिक प्रणाली लागू कर इसके तहत ही सत्र की शुरुआत करने की घोषणा कर दी गई है। कालेजों में रूसा के वार्षिक सिस्टम के तहत शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 15 जुलाई से होगी। मंगलवार को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में सचिवालय में बुलाई गई रूसा की समीक्षा बैठक में एचपीयू को इस तय तिथि तक सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश शिक्षा मंत्री ने दिए हैं। बैठक में एचपीयू को सिलेबस के साथ ही परीक्षाओं के पैटर्न में बदलाव कर अकादमिक सहित कार्यकारिणी परिषद से भी इस बदलाव से जुडे़ परिवर्तनों को मंजूरी दिलाने की सभी तरह की औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में शिक्षा विभाग के निदेशक के साथ ही अन्य अधिकारी और एचपीयू के कुलपति के साथ ही अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री ने रूसा के तहत वार्षिक आधार पर किए जाने वाले बदलावों के लिए एचपीयू को कितना समय चाहिए, इस पर राय जानी। एचपीयू ने एक महीना मांगा है। इसी के तहत  कालेजोें में रूसा के तहत वार्षिक आधार से पहले वर्ष की कक्षाएं श्ुरू करने के लिए तिथि 16 जुलाई रखी गई है। इस तय समय के बीच में बीए/ बीएससी/ बीकॉम प्रथम वर्ष का पाठयक्रम तैयार करने के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके तहत 15 से प्रवेश प्रक्रिया 30 जून तक चलेगी। मात्र पहले वर्ष में ही छात्रों को प्रवेश वार्षिक आधार पर दिया जाएगा, अन्य पहले के सत्रों की कक्षाएं सेमेस्टर सिस्टम के आधार पर चलेंगी और इनकी कक्षाएं पहली जुलाई से ही शुरू होंगी।

बैठकों को दौर शुरू

कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि रूसा में वार्षिक आधार पर प्रवेश और पाठ्यक्रम से संबंधित निर्णय तुरंत लिए जाएंगे। एचपीयू को बैठक में रि-कंसीडरिंग कमेटी के सिलेबस पैटर्न और परीक्षा पैटर्न के तैयार ड्राफ्ट भी दिए गए हैं। सरकार के निर्देशों के बाद ही एचपीयू ने रूसा वार्षिक प्रणाली के लिए तैयारियां करने के लिए बैठकें भी शुरू कर दी है। इसके तहत एचपीयू डीएस प्रो. अरविंद कालिया ने विवि के विभागों के डीन के साथ बैठक की और उन्हें विभागों के चेयरपर्सन के साथ बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं। एचपीयू को सिलेबस के साथ ही नियम, आर्डिनेंस, परीक्षा पैटर्न में बदलाव के साथ ही अकादमिक बदलाव करने हैं। यह बदलाव बोर्ड ऑफ स्टडीज में होने के बाद डीन फैकल्टी सहित अकादमिक काउंसिल सहित कार्यकारिणी परिषद में मंजूर होने के बाद अंतिम किए जाएंगे।

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