हिमाचल में घिरी राजस्थान की मिस्ट

दिनभर छाई रही धूल की चादर; उमस ने छुड़ाए पसीने, घरों में कैद रहे लोग

शिमला — हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में गुरुवार  को राजस्थान से चली हवाओं से अंधेरा घिरा रहा। राज्य के मैदानी इलाकों सहित पहाड़ी क्षेत्र दिन भर मिस्ट की आगोश में रहे। मिस्ट से लोगों को उमस भरी गर्मी के थपेड़े सहन करने पड़े। खासतौर पर राज्य के मैदानी इलाकों सहित पहाड़ों पर एक दो स्थानों पर मिस्ट ने जनता की सांसें  फुलाई। मौसम विभाग की मानें तो मिस्ट का प्रभाव लंबा रहता है। बारिश के बाद ही जनता को इससे निजात मिल सकती है। राजधानी शिमला सहित राज्य के अन्य क्षेत्रों में सुबह 9.30 बजे के करीब ही मिस्ट ने अपनी आगोश में लेना शुरू कर दिया था। आलम यह हो गया था कि दोपहर से पहले ही राज्य के कई क्षेत्रों में मिस्ट के चलते विजिविलटी कम हो गई थी। हालांकि  प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों के अधिकतम तापमान में  एक से दो डिग्री की गिरावट आई है। मगर मिस्ट (धुंध) से लोगों को दिनभर उमस भरी गर्मी की मार झेलनी पड़ी। वहीं शाम के समय प्रदेश के मैदानी इलाकों सहित मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश हुई।  जिससे लोगों ने मिस्ट और प्रचंड गर्मी से राहत ली।

भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में शनिवार मौसम करवट लेगा। विभाग ने प्रदेश के मैदानी इलाकों सहित शिमला, मंडी, कुल्लू, सोलन, चंबा और सिरमौर के एक दो स्थानों पर आगामी तीन दिनों तक गर्जन तूफान के साथ भारी बारिश व ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक  राज्य में 20 जून तक मौसम खराब बना रहेगा।

श्वास रोगियों के  लिए घातक

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की माने तो मिस्ट (धुंध) श्वास रोगियों के लिए घातक साबित होती है। मिस्ट के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर स्थिति में पहुंच जाता है जो श्वास रोगियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

क्या होती है मिस्ट

मिस्ट (धुंध) धूल व पानी के कण होते हैं तो तूफान के चलते वातावरण में फैल जाते हैं। इससे वातावरण में उमस बढ़ जाती है।

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