हिमाचल में छह और केंद्रीय विद्यालय!

राज्य सरकार को प्रोपोजल भेजने की तैयारी, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हो रही प्लानिंग

शिमला— प्रदेश के छात्रों के लिए खास खबर है। राज्य सरकार छह और केंद्रीय विद्यालय खोलने की तैयारी कर रही है। सरकार ने योजना को लेकर प्रोपोजल लगभग फाइनल कर ली है। बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से शिक्षा विभाग को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे केंद्रीय विद्यालय किस क्षेत्र में खोले जाने चाहिए, इसे लेकर प्लान तैयार करें। शिक्षा विभाग को जल्द राज्य सरकार को ऐसे क्षेत्र चुनकर बताने होंगे, जहां नजदीकी कोई बड़े स्कूल न हों या जो क्षेत्र आर्थिक रूप से कमजोर हों। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय खोलने जा रहे है, जहां छात्र चाह कर भी केंद्रीय विद्यालयों में नहीं पढ़ पाते। भारत सरकार से मंजूरी और बजट मिलने के तुरंत बाद इन स्कूलों के निर्माण को लेकर कार्य किया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से अगर छह केंद्रीय विद्यालयों की मंजूरी मिल जाती है, तो इससे छात्रों को प्राइवेट ओर कान्वेंट स्कूलों की तरह सुविधाएं दी जाएंगी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में हिमाचल में 51 केंद्रीय विद्यालय हैं। प्रदेश के केंद्रीय विद्यालयों में छात्रों को दाखिला एंट्रेंस के बाद ही दिया जाता है, इसके साथ ही मैरिट के आधार पर भी इन स्कूलों में छात्रों को दाखिला दिया जाता है। छात्रों व अभिभावकों की रुचि देखते हुए ही सरकार ने छह और केंद्रीय विद्यालय खोलने का फैसला लिया है। प्रोपोजल पर भारत सरकार अगर अनुमति देती है, तो इन स्कूलों की संख्या और भी बढ़ाई जा सकती है। केंद्रीय विद्यालय खोलने का जो प्रोपोजल बनाया जा रहा है, उसमें ज्यादातर हिमाचल के जनजातीय और पहाड़ी क्षेत्र शामिल हैं।

आदर्श स्कूलों सी सुविधा

अगर ये स्कूल खोलने की अनुमति मिल जाती है, तो इससे कम फीस में उन छात्रों को भी पढ़ने का मौका मिलेगा, जो भारी भरकम फीस होने के चलते अच्छे स्कूलों में नहीं पढ़ पाते इन स्कूलों में आदर्श स्कूलों की तरह ही स्मार्ट सुविधाएं दी जाएंगी। छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार खेल गतिविधियां करवाई जाएंगी। छात्राओं को जूडो कराटे के अलावा आत्मरक्षण से जुड़ी खेल गतिविधियों के लिए भी अलग से विभाग बनाया जाएगा। खास यह भी रहेगा की इन स्कूलों में छात्रों को खेल गतिविधयां सिखाने के लिए अलग से अकादमी भी तैयार की जाएगी।

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