90 मिनट में टला विश्वयुद्ध का खतरा

पहली बार में ही जमी किम-ट्रंप की जोड़ी, दोस्त बने दुश्मन

सिंगापुर— मशहूर शायर बशीर बद्र की ये पंक्तियां आज काफी सही लगती हैं, जो कभी कट्टर दुश्मन थे वे आज दोस्त बन गए हैं। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम नेता किम जोंग उन के बीच हुई सिंगापुर में मुलाकात इतिहास में दर्ज हो गई है। कुछ दिनों पहले दुनिया पर जो तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा मंडरा रहा था, वह इन दोनों नेताओं की 90 मिनट की मुलाकात से टल गया है। मुलाकात के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह बैठक उम्मीद से ज्यादा अच्छी रही तो वहीं किम भी बोले कि आने वाली दिनों में दुनिया बड़ा बदलाव देखेगी। दोनों की दोस्ती इस कद्र परवान चढ़ी कि व्हाइट हाउस ने किम को अमरीका आने का न्योता तक थमा दिया। दोनों नेताओं ने दो दौर में मुलाकात की, पहली 41 मिनट और फिर करीब 50 मिनट। सिंगापुर के कैपेला रिजॉर्ट में मंगलवार सुबह से ही चहलकदमी शुरू हो गई थी और तय वक्त पर दोनों नेताओं का काफिला रिजॉर्ट पहुंच गया। उत्तर कोरिया के सुप्रीम कमांडर किम जोंग पहले पहुंचे, करीब तीन मिनट के अंतर पर ट्रंप भी गाड़ी से उतरकर रिजार्ट के अंदर पहुंच गए। दोनों की एक साथ पहली तस्वीर तब सामने आई जब ट्रंप और किम रेड कारपेट पर एक साथ खड़े हुए और पहली बार एक दूसरे के सामने थे। दोनों ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया, दो महीने पहले तक यह तस्वीर कहीं से भी मुमकिन नहीं लग रही थी, लेकिन मंगलवार को हकीकत बन गई। हाथ मिलाने के बाद ट्रंप और किम टहलते हुए आई रिजॉर्ट के गलियारे से होते हुए मीडिया सेंटर तक पहुंचे और दुनियाभर के मीडिया के सामने इस मुलाकात को लेकर अपनी-अपनी राय रखी। ट्रंप की उम्मीदों को किम ने भी अपना भरोसा दिया और यह जताना भी नहीं भूले कि कितनी अड़चनों के बाद ये मुलाकात मुमकिन हो पाई है। करीब 15 मिनट के दौरान किम और ट्रंप ने दो बार हाथ मिलाए, पहली बार मिलते ही और दूसरी बार मीडिया के सामने बयान देने के बाद। इस दौरान दोनों नेता एक दूसरे को देखकर मुस्कराए भी और खिलखिलाए भी। यकीन करना मुश्किल था कि दो महीने पहले तक अपनी-अपनी टेबल पर परमाणु बम के बटन की धमकी देने वाले नेता इस तरह मिल रहे हैं। मीडिया कैमरों से दूर होने के बाद किम जोंग और ट्रंप के बीच करीब 50 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। ट्रंप ने कहा था कि वह किम के हाव भाव देखकर एक मिनट में बता देंगे कि बातचीत कितनी कारगर होगी, यकीनन 50 मिनट तक चली बातचीत सही रास्ते पर निकली होगी। खुद ट्रंप ने भी इसकी तस्दीक कर दी।

देखने लायक थी बॉडी लैंग्वेज

दुनिया की निगाहें लगी थीं, आखिर किम-ट्रंप मिलेंगे तो क्या बात होगी- कैसे मिलेंगे और कहां मिलेंगे- पहली बार दोनों नेता आमने सामने हुए तो दोनों की बॉडी लैंग्वेज देखने लायक थी। यहां तक कि बैठक के बाद ट्रंप ने खुद किम को अपनी लिमोजिन गाड़ी दिखाई। यह महज मुलाकात नहीं कूटनीतिक एनकाउंटर था। किम जोंग और डोनाल्ड ट्रंप पहली बार आमने-सामने हुए तो दुनिया भर के विशेषज्ञों की नजर दोनों के हाव-भाव पर थी। दोनों नेताओं के बीच एक व्यापक दस्तावेज पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसमें परमाणु हथियारों के खात्मे का अहम करार भी शामिल है।

दोनों देशों में समझौता बेहतर कदम

टोक्यो — जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच मंगलवार को हुए समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में यह पहला सकारात्मक कदम है। श्री आबे ने ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत के बाद कहा कि इस समझौते को विस्तारित समाधान के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापान पूर्ण, प्रामाणिक और स्थिर परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए उत्तर कोरिया की सहमति चाहता है।

 संयुक्त युद्धाभ्यास होगा बंद

सेंटोसा द्वीप — ट्रंप और किम की यह मुलाकात इसलिए भी ऐतिहासिक थी, क्योंकि 1950-53 में हुए कोरियाई युद्ध के बाद से अब तक अमरीका और उत्तर कोरिया के नेता न तो कभी मिले और न ही फोन पर बात की थी, लेकिन इतने दशकों बाद जब दोनों की मुलाकात हुए तो वह सकारात्मक साबित हुई। वार्ता के बाद अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमरीका-दक्षिण कोरिया का संयुक्त युद्धाभ्यास बंद होगा।

दक्षिण कोरिया ने बताया सदी की वार्ता

सोल — अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की मंगलवार को ऐतिहासिक शिखर वार्ता की दक्षिण कोरिया ने सराहना की और स्थानीय मीडिया ने इसे ‘सदी की वार्ता’ करार दिया। सिंगापुर में ट्रंप और किम के हाथ मिलाने और गर्म जोशी से एक दूसरे का अभिवादन करने की तस्वीरें आने के बाद सोल ने इस पर उत्साही प्रतिक्रिया दी और प्योंगयांग के साथ एक नई शुरुआत की उम्मीद जताई। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई-इन ने कहा कि हमें उम्मीद है कि वार्ता कामयाब होगी और यह पूर्ण परमाणु निरस्त्रकरण और शांति लेकर आएगी तथा दोनों कोरियाई देशों के बीच और अमरीका के साथ रिश्तों का एक नया दौर शुरू करेगी।

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