अंधेरे में डूबा नेरवा

नेरवा —बीते दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश से क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पूरा क्षेत्र पिछले 18 घंटे से अंधकार में डूबा हुआ है, जिस वजह से ब्लैक आउट सी स्थिति बन गई है। क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति करने वाली 22 केवीए हुली से आने वाले मुख्य लाइन पर चंबी व आस-पास जंगल में देवदार के कई दरख्त गिरने से लाइन पूरी तरह तहस-नहस हो गई है। अधिशाषी अभियंता विद्युत मंडल चौपाल बलदेव चंद ने बताया कि मुख्य लाइन पर पेड़ गिरने से काफी क्षति हुई है। कर्मचारी भारी बारिश के बीच सुबह से ही लाइन को ठीक करने में लगे हुए हैं व कोशिश की जा रही है कि आज शाम तक किसी तरह विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। एक्सईएन चौपाल स्वयं सुबह से ही मौके पर डटे हुए हैं व कर्मचारियों के साथ विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं। उधर, भारी बारिश के चलते जगह-जगह भू-स्खलन होने व डंगे टूटने से उपमंडल की डेढ़ दर्जन सड़कें बंद हो गई है, जिस वजह से किसानों के कृषि उत्पाद फंस गए हैं। लोगों ने सेब व टमाटर तोड़ कर रखे हैं, परन्तु सड़कें बंद होने से इन्हें मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है व इनके सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। सहायक अभियंता नेरवा योगेश शर्मा ने बताया कि नेरवा शिमला मुख्य मार्ग, नेरवा-बमटा व झिकनीपुल-चौकियां मार्गों को यातायात के लिए बहाल कर दिया है, जबकि बंद पड़े अन्य मार्गों क्यार्नु- कोटि- सरांह, नेरवा- कीरी- खरराचली आदि को खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है। वहीं सहायक अभियंता पीआईयू नेरवा गुलाब सिंह ने बताया कि उपमंडल के तहत नेरवा-थरोच-मधाना, नेरवा- टिकरी- धनत, नेरवा-बिजमल व नेरवा पौडि़या मार्गों पर भू-स्खलन होने से यह मार्ग बंद हो गए है, जबकि फेडिजपुल- सैंजखड़ मुख्य मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। इसी प्रकार सहायक अभियंता कुपवी अजय गजटा ने बताया कि कुपवी उपमंडल के तहत विभिन्न सड़कों को व्यापक क्षति हुई है, जिनमें कुपवी-सैलपाब, कुपवी- मशोत, मार्गों के डंगे टूटने व भारी भू-स्खलन के कारण यह बंद हो गए हैं। कुपवी-भालू सड़क पर एक दर्जन से अधिक पेड़ गिरने से यह मार्ग भी बंद हो गया है। उधर, पंचभैया व काटली खड्डों में बाढ़ आने से भी उधर से गुजरने वाले कुपवी दोची व एक अन्य मार्ग अवरुद्ध हो गया है।  उन्होंने कहा कि सैंजखड़-तरांह मार्ग को फिलहाल यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। उक्त तीनों अधिकारियों ने कहा कि बंद मार्गों को बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है, परंतु भारी बारिश के बीच कार्य करने में कठिनाई पेश आ रही है।

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