अब जल्द निपटेंगे सिविल मामले

सोलन – हिमाचल की अदालतों में लंबे समय से चल रहे सिविल मामलों का अब जल्द निपटारा संभव हो सकेगा। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के तत्त्वावधान से हर जिला के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में बने मध्यस्थता केंद्रों को प्रभावी बनाने की विशेष मुहिम की शुरुआत सोलन से की गई है। इस मुहिम के तहत सोलन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मध्यस्थता और समझौता परियोजना समिति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के तत्त्वावधान में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिला सोलन सहित शिमला, किन्नौर, सिरमौर व हाई कोर्ट के मिडिएटर भाग ले रहे हैं, जिन्हें सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली से आए एडीजे वीरेंद्र कुमार बंसल रिफ्रेशमेंट कोर्स की जानकारी दे रहे हैं। कार्यशाला में डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज सोलन भूपेश शर्मा बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कोर्ट में बहुत से ऐसे मामले आते हैं, जिनके कोर्ट से बाहर ही हल होने की संभावना रहती है। ऐसे मामलों को जल्द हल करने के लिए ही मिडिएटर सेंटर को हर जिला में बनाया गया है।

एडवोकेट की भूमिका होगी बेहतर

सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली से पहुंचे एडीजे वीरेंद्र बंसल ने कहा कि कार्यशाला में चार जिलों के एडवोकेट शामिल किए गए हैं, जिन्हें पहले भी 40 घंटे का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब उनकी भूमिका को और बेहतर बनाने का प्रयास तीन दिन की इस कार्यशाला में किया जाएगा।

प्रदेश में पहला ट्रेनिंग सेशन

न्यायाधीश सोलन मोहित बंसल ने कहा कि हिमाचल में पहली बार यह कार्यशाला लगाई गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसे लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि माननीयों द्वारा कार्यशाला में शामिल वकीलों की समझौता समस्याओं के समाधान के साथ नई-नई तकनीक से भी रू-ब-रू करवाया जा रहा है।

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